सुक्खू सरकार के आत्मनिर्भर हिमाचल के दावे खोखले, चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था इसकी गवाह : राकेश जम्वाल
मंडी, 05 नवंबर (हि.स.)। भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एक ओर आत्मनिर्भर हिमाचल के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सामान्य जांच से लेकर गंभीर बीमारियों के उपचार तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब प्रदेश के अस्पताल ही मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा पा रहे, तो मुख्यमंत्री किस आत्मनिर्भर हिमाचल की बात कर रहे हैं।
राकेश जम्वाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लैब टेस्ट की सुविधा प्रभावित होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को निजी लैब में महंगे दामों पर जांच करवानी पड़ रही है। इसका प्रमुख कारण लैब संचालकों के करोड़ों रुपये के भुगतान लंबित होना बताया जा रहा है। सरकार की वित्तीय अव्यवस्था का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होनी वाली सुविधाओं के लिए भी लोगों को अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन की संख्या घटकर एक चौथाई रह जाने के आरोप बेहद चिंताजनक हैं। हिमकेयर, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत अस्पतालों को मिलने वाले भुगतान लंबित होने से उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऑर्थोपेडिक्स सहित कई विभागों के करोड़ों रुपए के भुगतान अटके होने की बात सामने आ रही है। जब अस्पतालों को उपचार का पैसा ही समय पर नहीं मिलेगा, तो वे मरीजों को बेहतर सुविधाएं कैसे उपलब्ध करवाएंगे। सरकार की इस लापरवाही का सबसे अधिक खामियाजा उन गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है, जिनके लिए सरकारी अस्पताल ही उपचार का एकमात्र सहारा हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा