हिमाचल में चल रही अफसरशाही की लड़ाई : राकेश जमवाल

 


मंडी, 13 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने चेस्टर हिल विवाद को लेकर प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में शासन नहीं, बल्कि अफसरशाही की खुली लड़ाई चल रही है। सरकार के शीर्ष अफसर आपस में उलझे हुए हैं और मुख्यमंत्री को इसकी कोई खबर तक नहीं है। यह स्थिति बताती है कि प्रशासनिक तौर पर मुख्यमंत्री सुक्खू की पकड़ पूरी तरह कमजोर हो चुकी है। राकेश जमवाल ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि एक ओर प्रदेश के अफसर सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में जाकर झूठे विकास के किस्से सुनाने और बेबुनियाद आंकड़े गिनाने में व्यस्त हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी नाक के नीचे उनके ही अधिकारी किस तरह सरकार की साख को तार-तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की स्थिति ऐसी हो गई है कि सरकार और अफसरों ने मिलकर हिमाचल को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। हर विभाग में अव्यवस्था, मनमानी और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। न तो कोई जवाबदेही है और न ही किसी को कानून का डर। यही कारण है कि चेस्टर हिल जैसे मामलों में सच्चाई सामने आने के बजाय अफसर एक-दूसरे पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।

जमवाल ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और समझ रही है कि यह सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। विकास ठप है, कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

उन्होंने सरकाघाट में हुई 19 वर्षीय छात्रा की निर्मम हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली है। दिनदहाड़े एक बेटी का गला काटकर हत्या कर दी जाती है और सरकार मूकदर्शक बनी रहती है। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। आज बेटियों का घर से बाहर निकलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है।

राकेश जमवाल ने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही बेलगाम हो चुकी है, नशा माफिया, खनन माफिया और अन्य अवैध गतिविधियों में लगे गिरोह खुलेआम तांडव कर रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री और उनकी सरकार को इन सबकी कोई चिंता नहीं है। वे केवल भाजपा को कोसने और अपनी नाकामियों को छिपाने में लगे हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार ने सत्ता में आते ही व्यवस्था सुधारने के बजाय उसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। आज हर क्षेत्र—चाहे वह प्रशासन हो, कानून व्यवस्था हो या विकास कार्य—हर जगह सरकार की विफलता साफ नजर आ रही है।

राकेश जमवाल ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सुक्खू वास्तव में प्रदेश के हित में काम करना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत अपनी कार्यशैली बदलनी होगी, अफसरशाही पर लगाम लगानी होगी और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा। अन्यथा आने वाले समय में प्रदेश की जनता इस निकम्मी और जनविरोधी सरकार को करारा जवाब देने के लिए तैयार बैठी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा