विक्रमादित्य ब्यान के बयान पर बोले राकेश जमवाल , बड़े नेताओं पर टिप्पणी से नहीं, काम से बनती है पहचान
मंडी, 11 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने सुक्खू सरकार और उसके मंत्रियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब जब सरकार के साढ़े तीन साल बीत चुके हैं, तब मंत्री जनता के द्वार जाकर कार्यक्रम करने का दिखावा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि निहरी में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि सरकार अब जनता के गुस्से से घबराकर दिखावटी संवाद कर रही है। जिस सरकार में अपने ही कैबिनेट मंत्रियों की सुनवाई नहीं हो रही, जहां उनकी फाइलें महीनों लटकी रहती हैं, वह सरकार जनता की समस्याओं का समाधान क्या करेगी।
राकेश जमवाल ने कहा कि खुद कांग्रेस के बड़े नेता स्वीकार कर चुके हैं कि 3-3 महीने तक फाइलें अटकी रहती हैं। ऐसे में यह सरकार विकास की बात करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल में विकास तो मानो रूठ ही गया है, लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू को सिर्फ अपने मित्रों के विकास की चिंता है। हर जनसभा में बड़े-बड़े शब्दों, आत्मनिर्भरता, समृद्धि और व्यवस्था परिवर्तन का ढोल पीटा जाता है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि प्रदेश आर्थिक बदहाली और अव्यवस्था से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का रोज का रोना हमारे पास पैसे नहीं है, अब जनता समझ चुकी है। चुनाव से पहले जो बड़े-बड़े सपने और गारंटियां दी गई थीं, आज उनका दिवाला निकल चुका है। भाजपा सरकार की जनहितकारी योजनाओं को या तो बंद कर दिया गया या उन्हें झूठे प्रचार में फंसा कर कमजोर कर दिया गया। हिमकेयर जैसी महत्वाकांक्षी योजना, जिसने गरीबों को इलाज के लिए अपनी जमीन और गहने बेचने से बचाया, उसे भी शर्तों में उलझाकर लगभग खत्म कर दिया गया है।
राकेश जमवाल ने कहा कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली बंद कर दी गई, सहारा योजना के तहत पेंशन नहीं मिल रही, महिलाओं को 1500 रुपए देने का वादा हवा हो गया। सरकार ने हर वर्ग को ठगा है और अब दूसरे प्रदेशों में जाकर झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिमाचल की छवि को भी धूमिल कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता इन पापों को कभी नहीं भूलेगी और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा