भाजपा विधायक अनिल शर्मा के बयान से भाजपा अहसज, सियासी हलचल बढ़ी
मंडी, 19 सितंबर (हि.स.)। मंडी सदर के भाजपा विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अनिल शर्मा जो राजनीति के चाणक्य के तौर पर प्रख्यात रहे पंडित सुखराम के बेटे हैं। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के डवाहण में हुए एक मेले के दौरान जो भाषण दिया उसे लेकर पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल पैदा हो गई है। अनिल शर्मा ने अपने भाषण में कहा कि कोटली में पार्किंग व स्टेडियम निर्माण के लिए उन्होंने अपने चारों सांसदों से 25-25 लाख रूपए मांगे। सोचा कि यह पैसा मिल जाएगा तो एक अच्छा काम हो जाएगा मगर किसी भी सांसद ने कोई भी रिस्पांस नहीं दिया और न ही कोई पैसा दिया गया। जब उन्हें लगा कि इन तिलों में तेल नहीं है, यानी इनके वश में नहीं है तो वह इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिले और दो करोड़ ले आए। अब यह काम हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनका जो एक डर है उससे उनका काम कांग्रेस सरकार में हो जाता है।
उनका यह ब्यान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा और देखते देखते पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल पैदा हो गई। उनके ब्यान से भाजपा न केवल असहज होे गई है बल्कि किसी भी नेता ने आगे आकर इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी। यही नहीं भाजपा एक तरह से इसके चलते सांसत में है। उधर कांग्रेस उपर से लेकर नीचे तक चुटकियां ले रही है।
लगे हाथ शनिवार को मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बकायदा प्रैस वार्ता कर डाली और आरोप लगाया कि भाजपा के सांसद किसी का काम नहीं करते। अपने विधायकों को भी नहीं सुनते जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सबके काम करते हैं। अनिल शर्मा ने स्वीकारोति की है वह तो एक उदाहरण है, मुख्यमंत्री तो रोजाना ऐसे ही काम करते हैं। कुछ भी हो अनिल शर्मा ने अपनी ही पार्टी के सांसदों को सार्वजनिक सभा में जिस तरह से कठघरे में खड़ा कर दिया उससे 2027 के चुनावों को लेकर भी कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए हैं। भाजपा में आने से पहले अनिल शर्मा पंडित सुख राम की तरह सालों तक कांग्रेस में ही थे तथा कांग्रेस से ही कई बार विधायक व मंत्री भी रहे हैं। अब उनके मन में क्या है, इस भाषण के बाद इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा