शिमला के चौपाल में प्लास्टिक कचरे से बनेगी सड़क, अगले माह होगी तैयार
शिमला, 29 सितंबर (हि.स.)। जिस प्लास्टिक को इस्तेमाल के बाद लोग कचरा समझकर फेंक देते हैं, वही अब शिमला जिले के चौपाल उपमण्डल में सड़क बनाने के काम आएगा। चौपाल विकास खंड में मुख्य सड़क से प्लास्टिक वेस्ट पार्क को जोड़ने वाली करीब 200 मीटर सड़क प्लास्टिक कचरे के इस्तेमाल से बनाई जाएगी। इस पहल की जिम्मेदारी चौपाल के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विनीत ठाकुर ने उठाई है। सड़क निर्माण का काम अक्तूबर के पहले सप्ताह में शुरू करने और 25 अक्तूबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्लास्टिक कचरे को सड़क निर्माण में किया जाएगा इस्तेमाल
सड़क बनाने के लिए एकत्र किए गए प्लास्टिक कचरे को पहले अलग-अलग किया जाएगा और उसकी सफाई की जाएगी। इसके बाद प्लास्टिक को छोटे-छोटे टुकड़ों में श्रेड किया जाएगा। निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार तैयार की गई प्लास्टिक सामग्री को गर्म बिटुमेन के साथ मिलाकर सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे सड़कों, नालियों और खुले स्थानों पर जमा होने वाले प्लास्टिक कचरे के निस्तारण का एक उपयोगी रास्ता सामने आएगा। आम तौर पर इस्तेमाल के बाद प्लास्टिक को खुले में फेंकने, लैंडफिल में डालने या जलाने की समस्या रहती है। इस पहल में इसी कचरे को सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले संसाधन में बदलने की कोशिश की जा रही है।
दो साल से चौपाल में प्लास्टिक कचरे पर काम कर रहे विनीत ठाकुर
बीडीओ विनीत ठाकुर मूल रूप से सिरमौर जिले के रहने वाले हैं और पिछले दो साल से अधिक समय से चौपाल में सेवाएं दे रहे हैं। चौपाल में तैनाती के बाद उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट पार्क तैयार किया था। अब इसी प्लास्टिक वेस्ट पार्क को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए प्लास्टिक कचरे के इस्तेमाल से सड़क बनाई जा रही है।
विनीत ठाकुर ने कहा कि मुख्य सड़क से प्लास्टिक वेस्ट पार्क को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य अक्तूबर के पहले सप्ताह में शुरू किया जाएगा। करीब 200 मीटर लंबी सड़क को 25 अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल प्लास्टिक कचरे का निस्तारण करना ही नहीं है, इसे उपयोगी निर्माण सामग्री में बदलकर स्थायी परिसंपत्ति तैयार करना है।
बिटुमेन और प्राकृतिक संसाधनों की भी होगी बचत
प्लास्टिक कचरे के सड़क निर्माण में इस्तेमाल से बिटुमेन की आंशिक बचत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्राकृतिक निर्माण संसाधनों पर दबाव कम करने और प्लास्टिक के पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इस पहल को कचरे से उपयोगी संसाधन तैयार करने और संसाधनों के दोबारा इस्तेमाल की अवधारणा को स्थानीय स्तर पर लागू करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
विनीत ठाकुर के अनुसार चौपाल में प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय स्तर पर स्वच्छता, प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और संसाधनों के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल दूसरे क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।
उल्लेखनीय है कि चौपाल में प्लास्टिक वेस्ट पार्क तैयार करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों के लिए विनीत ठाकुर को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री से पर्यावरण संरक्षण का पुरस्कार भी मिल चुका है। अब प्लास्टिक वेस्ट पार्क को सड़क से जोड़ने के लिए उसी प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा