प्रमुख जन समाज के प्रति दायित्व समझें और सक्रिय भूमिका निभाएं: अतुल लिमये

 

शिमला, 18 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि देश के प्रमुख जनों को समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में विमर्श की लड़ाई चल रही है, ऐसे में भारत को लेकर भारत की दृष्टि से सकारात्मक विमर्श खड़ा करना समय की आवश्यकता है।

यह विचार उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा जिला दाड़लाघाट में आयोजित भव्य एवं प्रेरणादायी प्रमुख जन गोष्ठी के दौरान व्यक्त किए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों से लगभग 400 प्रमुख जन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, पूर्व कुलपति, प्रोफेसर, शोधार्थी, एनजीओ प्रमुख, चिकित्सक, आयुर्वेद विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य तथा निजी संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे।

अपने उद्बोधन में अतुल लिमये ने राष्ट्र निर्माण में संगठन की भूमिका, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे आएं और राष्ट्रहित में संगठित होकर कार्य करें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता धनीराम ने की। अपने संबोधन में उन्होंने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण की जीवन पद्धति है। उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का भी आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला