पेपर लीक केस : हाईकोर्ट के निलंबित उमा आजाद के खिलाफ जांच 30 अगस्त तक पूरी करने के आदेश
शिमला, 09 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जेओए (आईटी) पेपर लीक मामले में निलंबित कर्मचारी उमा आजाद से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राज्य चयन आयोग को उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच को 31 अगस्त 2026 तक या उससे पहले पूरा करने का प्रयास करने को कहा है। अदालत ने यह निर्देश उमा आजाद द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिए।
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक विभागीय जांच पूरी नहीं हो पाती है, तो उमा आजाद को अपने निलंबन के खिलाफ दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की स्वतंत्रता होगी। वहीं, राज्य चयन आयोग को भी यह छूट दी गई है कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से जांच समय पर पूरी नहीं हो पाती है, तो वह अदालत से अतिरिक्त समय की मांग कर सकता है।
उमा आजाद ने अपनी याचिका में अदालत से उनके निलंबन के आदेश को सभी परिणामी लाभों सहित रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना था कि उनका निलंबन आदेश मनमाना, अवैध और भेदभावपूर्ण है तथा यह कानून के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि विभागीय जांच लंबित रहने के नाम पर किसी कर्मचारी को अनिश्चित समय तक निलंबित नहीं रखा जा सकता।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह व्यवस्था दी कि विभागीय जांच को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाए, ताकि मामले का जल्द निष्पादन हो सके और लंबित स्थिति बनी न रहे।
गौरतलब है कि जेओए (आईटी) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामला प्रदेश में काफी चर्चित रहा है और इस मामले में कई स्तरों पर जांच चल रही है। इसी मामले के संबंध में उमा आजाद की गिरफ्तारी हुई थी और उन्हें निलंबित किया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब अदालत के ताजा आदेश के बाद चयन आयोग को तय समय के भीतर जांच पूरी करने की दिशा में कार्रवाई तेज करनी होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा