बिलासपुर की टाली पंचायत में प्रधान पद का चुनाव रद्द

 


शिमला, 25 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत टाली में प्रधान पद का चुनाव रद्द कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने विकास खंड श्री नैनादेवी जी की इस पंचायत में प्रधान पद के लिए चल रही चुनाव प्रक्रिया को आगामी आदेश तक रोक दिया है।

विवाद उस समय सामने आया जब प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहीं दो महिलाओं को लेकर शिकायतें निर्वाचन अधिकारियों तक पहुंचीं। शिकायत में कहा गया कि एक उम्मीदवार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है, जबकि दूसरी मिड डे मील वर्कर के तौर पर कार्यरत है।

राज्य निर्वाचन आयोग को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान किसी भी प्रत्याशी ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष इस संबंध में कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई थी। इसी कारण उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोनों उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए थे।

हालांकि बाद में कुछ प्रत्याशियों ने रिटर्निंग अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करवाई। मामला आयोग तक पहुंचने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए ग्राम पंचायत टाली में प्रधान पद का निर्वाचन आगामी आदेश तक रद्द करने का फैसला लिया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायत के अन्य सभी पदों के चुनाव पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही करवाए जाएंगे।

मतदान से ठीक पहले आए इस फैसले के बाद पंचायत में पूरे दिन चुनाव और उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं होती रहीं। ग्रामीणों के बीच यह मामला खास चर्चा का विषय बना रहा।

उधर प्रदेश में पंचायत चुनावों के पहले चरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को 1,293 पंचायतों में मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से पूरा करवाने के लिए 8,198 कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रदेशभर में 21,678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 3,554 संवेदनशील और 1,585 अति संवेदनशील केंद्र शामिल हैं।

प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में करवाए जा रहे हैं। पहला चरण 26 मई, दूसरा 28 मई और तीसरा चरण 30 मई को होगा। पंचायत प्रधान, उपप्रधान और पंच पदों के परिणाम मतदान के बाद घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के नतीजे 31 मई को एक साथ घोषित होंगे।

इस बार पंचायत चुनावों में निर्विरोध निर्वाचन भी सुर्खियों में है। प्रदेश की 3,754 पंचायतों में से 131 पंचायतों में बिना मतदान ही प्रतिनिधि चुन लिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नामांकन वापसी के बाद कुल 10,854 प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा