हिमाचल में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति जल्द होगी लागू : मुख्यमंत्री सुक्खू

 


शिमला, 03 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार जल्द नीति लागू करेगी और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) जारी रहेगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में आयोजित जनसभा में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में रहने तक पुरानी पेंशन योजना बंद नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार नीति तैयार करने पर काम कर रही है। इसे आने वाले समय में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि करुणामूलक आधार पर रोजगार के पात्र मामलों में करीब 70 फीसदी मामलों का समाधान किया जा चुका है और पात्र लोगों को रोजगार दिया गया है।

शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। अगले छह महीने में चार हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जिनमें करीब दो हजार शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 विद्यालयों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सुक्खू ने दावा किया कि वर्ष 2021 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल 21वें स्थान पर था और अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकताओं में हैं और इन क्षेत्रों में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और अटल मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी संस्थान चमियाना में आधुनिक तकनीक और नई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। करीब 19 वर्ष पुरानी मशीनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए 500 डॉक्टरों की नियुक्ति किए जाने की बात भी उन्होंने कही।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इसी महीने ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना लागू करने जा रही है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता और पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का प्रावधान होगा।

मुख्यमंत्री ने जनसभा में महिला मंडलों को सामान खरीदने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की। इस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 15 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी। सुख आश्रय योजना के तहत तीन लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए तीन-तीन लाख रुपये और एक लाभार्थी को एक लाख रुपये की किस्त प्रदान की गई। इसी योजना के तहत एक अन्य लाभार्थी को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा