हिमाचल प्रदेश में 9500 कर्मचारियों को नहीं मिला ओपीएस, बीएमएस ने सरकार से मांगा हक

 




शिमला, 30 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में करीब 9500 कर्मचारी अब भी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ से वंचित हैं। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने प्रदेश सरकार से इन कर्मचारियों को बिना शर्त ओपीएस का लाभ देने की मांग की है। बीएमएस के प्रदेश महामंत्री यशपाल हेटा ने रविवार को शिमला में जारी बयान में यह मांग उठाई।

हेटा के अनुसार प्रदेश सरकार ने विधानसभा में सभी विभागों में ओपीएस लागू होने की बात कही है, लेकिन सरकार के आंकड़ों में 1,86,436 कर्मचारियों में से 1,17,521 कर्मचारियों को ही ओपीएस का विकल्प दिए जाने की बात सामने आई है। बीएमएस का कहना है कि ऐसे में करीब 9500 कर्मचारी अभी भी ओपीएस के लाभ से बाहर हैं और पिछले 42 महीने से इसका इंतजार कर रहे हैं।

बीएमएस के मुताबिक ओपीएस से वंचित कर्मचारियों में बिजली बोर्ड के करीब 6100, शहरी निकायों के करीब 1300 और पंचायती राज संस्थाओं के करीब 2100 कर्मचारी शामिल हैं। संघ का कहना है कि ये कर्मचारी बिजली व्यवस्था, शहरों की सफाई और विकास तथा गांवों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण काम करते हैं।

हेटा ने कहा कि ओपीएस से वंचित कर्मचारियों की एनपीएस के तहत कटौती अब भी हो रही है और उनके जीपीएफ खाते भी नहीं खोले गए हैं। बीएमएस ने मांग की है कि इन कर्मचारियों की एनपीएस कटौती तुरंत बंद की जाए, जीपीएफ खाते खोले जाएं और एनपीएस में जमा राशि को जीपीएफ में स्थानांतरित किया जाए।

बीएमएस ने बोर्डों और निगमों समेत अन्य संस्थाओं को ओपीएस से बाहर रखने के लिए दिए जा रहे 'स्वतंत्र निकाय' के तर्क पर भी सवाल उठाया है। हेटा के अनुसार इन संस्थाओं में चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति सरकार करती है। ऐसे में कर्मचारियों को ओपीएस देने के समय इन्हें अलग श्रेणी में रखना उचित नहीं है।

बीएमएस ने सरकार से सभी बोर्डों, निगमों, शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में ओपीएस से वंचित कर्मचारियों को योजना का लाभ देने के लिए स्पष्ट लिखित आदेश जारी करने की मांग की है। संघ ने यह भी मांग की है कि ओपीएस को कानूनी सुरक्षा देने के लिए विधानसभा में कानून बनाया जाए, जिससे भविष्य में इसे वापस लेने की स्थिति न बने।

हेटा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान सभी कर्मचारियों को ओपीएस देने का वादा किया गया था। बीएमएस का कहना है कि इस वादे के अनुरूप करीब 9500 वंचित कर्मचारियों को भी ओपीएस के दायरे में लाया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा