आसमान से टूटा कहर, मंडी जिले ओलावृष्टि से फसलें हुई तबाह, किसानों बागवानों की टूटी कमर
मंडी, 05 अप्रैल (हि.स.)। मौसम ने रविवार को फिर से कहर बरपाया। सुबह चटक धूप खिली, तापमान भी बढ़ गया मगर दोपहर बाद अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए, दिन में ही अंधेरे जैसे हालात हो गए और देखते देखते बारिश, ओलावृष्टि शुरू हो गई। जिले के उपरी क्षेत्रों सराज, नाचन, करसोग, ड्राइंग में ओलावृष्टि ने फसलों पर कहर बरपाया। निचले क्षेत्रों में भी तेज बारिश के साथ ओले बरसे। तेज बारिश व ओलावृष्टि ने खड़ी फसलों, मटर, आलू, सेब व अन्य फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचाया। शाम होते होते फिर से मौसम ठंडा हो गया। जिले के नाचन और सराज से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में अचानक बदले मौसम ने किसानों बागवानों पर कहर बरपा दिया।
तेज बारिश के साथ हुई भारी ओलावृष्टि ने मटर, प्लम, खुमानी, गोभी और गेंहू की फसल को भारी नुक्सान पहुंचाया है। कई पंचायतों में मटर की फसल इस समय फ्लॉवरिंग और फलियां बनने की अवस्था में थी जिस पर ओलों की सीधी मार पड़ने से किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। चच्योट, शिल्हनू, नौंन, चौलचौक, देवधार और जहल और सराज के अनेक इलाको में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई जगहों पर मटर का तुड़ान भी शुरू हो चुका था लेकिन अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
स्थानीय किसान मनोज कुमार, गीता नंद, नंद लाल, ठाकर दास, लाभ सिंह, देवी राम, नेत्र सिंह और अन्य ने बताया कि ओलों ने उनकी मटर, लहसुन, गेंहू, प्लम और सेब की फ्लावरिंग को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना है कि इस बार मटर से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी लेकिन ओलावृष्टि ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
तहसीलदार गोहर कृष्ण कुमार ने क्षेत्र में ओलावृष्टि की पुष्टि करते हुए बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, अचानक हुई इस ओलावृष्टि ने नाचन और सराज के किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है और अब उन्हें राहत व मुआवजे की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा