शिमला में हज़ारों सैलानियों ने मनाया नए साल का जश्न, नहीं गिरी बर्फ

 




शिमला, 01 जनवरी (हि.स.)। नए साल के स्वागत के लिए हिमाचल की राजधानी शिमला एक बार फिर जश्न और उत्साह के रंगों में डूबी नजर आई। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे हजारों सैलानियों ने नए साल की पूर्व संध्या शिमला में मनाई। ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित विंटर कार्निवाल की सांस्कृतिक संध्याओं में पर्यटक देर शाम तक झूमते और थिरकते रहे। आधी रात होते-होते रिज और माल रोड नए साल की बधाइयों, गीत-संगीत और जश्न के शोर से गूंज उठे। हालांकि क्रिसमस के बाद नए साल की पूर्व संध्या पर भी शिमला में बर्फबारी न होने से सैलानी मायूस हुए।

आधी रात तक शिमला पूरी तरह सैलानियों से गुलजार रही। रिज मैदान पर हिमाचली संस्कृति की झलक दिखाती लोकनृत्य प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पर्यटकों को खासा आकर्षित किया। बड़ी संख्या में सैलानी मंच के सामने जमा होकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। कई पर्यटक पारंपरिक हिमाचली धुनों पर खुद भी थिरकते दिखे। जैसे-जैसे रात गहराती गई, जश्न का माहौल और भी रंगीन होता चला गया।

माल रोड और रिज मैदान पर नए साल का काउंटडाउन शुरू होते ही माहौल और रोमांचक हो गया। घड़ी की सुइयां जैसे ही बारह पर पहुंचीं, सैलानियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर नए साल की शुभकामनाएं दीं। कहीं मोबाइल कैमरों में यादें कैद की गईं तो कहीं समूह में गीत गाए गए। आधी रात तक माल रोड से लेकर रिज पर रौनक बनी रही और शिमला नए साल की सुबह तक जश्न के रंग में रंगा रहा।

पर्यटकों की भारी आमद का असर शहर के होटल उद्योग पर भी साफ दिखा। नए साल के मौके पर शिमला और आसपास के क्षेत्रों के छोटे-बड़े होटल लगभग पूरी तरह पैक रहे। होटल ऑक्यूपेंसी 90 से 100 फीसदी तक पहुंच गई। कालका-शिमला रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनें भी पूरी तरह भरी रहीं, जिससे पहाड़ों की रानी शिमला की लोकप्रियता एक बार फिर सामने आई।

हालांकि, मौसम ने इस बार सैलानियों को थोड़ी मायूसी भी दी। नए साल की पूर्व संध्या पर शिमला में मौसम बिगड़ा और बादल छाए रहे, ठंड में इजाफा हुआ, लेकिन बर्फबारी नहीं हो सकी। बर्फ देखने की उम्मीद में पहुंचे कई पर्यटक निराश नजर आए। बावजूद इसके ठंडे मौसम और बादलों के बीच शिमला की खूबसूरती ने सैलानियों को जश्न मनाने से नहीं रोका। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में बर्फबारी की संभावना जताई है, इससे पर्यटकों को अभी भी उम्मीद बनी हुई है। शिमला व आसपास के इलाकों में नए साल की शुरुआत बादलों से हुई है।

इस बीच सैलानियों की भीड़ के चलते शहर की यातायात व्यवस्था पर भी खासा दबाव रहा। 25 से 31 दिसम्बर तक करीब 59 हज़ार वाहन शिमला पहुंचे। कालका-शिमला नेशनल हाईवे सहित शहर के प्रवेश द्वारों पर लंबा जाम देखने को मिला। कई जगहों पर कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में वाहन चालकों को एक से डेढ़ घंटे तक का समय लगा। शहर की अधिकतर पार्किंगें पूरी तरह भर गईं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

नए साल के जश्न के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। शिमला को पांच सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। करीब 400 से अधिक पुलिस जवान शहर के विभिन्न हिस्सों में तैनात रहे। भीड़भाड़ वाले इलाकों, रिज मैदान और माल रोड पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए कंट्रोलिंग प्वाइंट्स बनाए गए और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा