हिमाचल में बसेंगे तीन नए आधुनिक शहर, एक साल में ‘हिम चंडीगढ़’ प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी
शिमला, 16 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में शहरी विकास, आवास और औद्योगिक विस्तार को नई रफ्तार देने की तैयारी में है। इसी दिशा में सरकार ने प्रदेश में तीन नए आधुनिक शहर बसाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इनमें ‘हिम चंडीगढ़’, ‘हिम पंचकूला’ और कांगड़ा में विकसित होने वाली एक नई आधुनिक सिटी शामिल है। सरकार का दावा है कि इन शहरों को हाईटेक सुविधाओं और आधुनिक ढांचे के साथ विकसित किया जाएगा।
शनिवार को शिमला में हिमुडा (हिमाचल प्रदेश हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी) की समीक्षा बैठक के बाद नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ‘हिम चंडीगढ़’ परियोजना पर अगले एक साल के भीतर जमीन पर काम शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि इन नई टाउनशिप्स को वैश्विक स्तर की सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों की सेवाएं भी ली जाएंगी।
मंत्री ने बताया कि हिमुडा का इस वर्ष 250 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा करीब 125 करोड़ रुपये था। सरकार का मानना है कि नए शहरी प्रोजेक्ट्स और आवासीय योजनाओं से विकास को बढ़ावा मिलेगा।
राजेश धर्माणी ने माना कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में उद्योगों और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन जुटाना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार के पास करीब 7 हजार बीघा जमीन उपलब्ध है, लेकिन बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए यह पर्याप्त नहीं है। इसमें भी ज्यादातर जमीन बद्दी क्षेत्र में है, जबकि अन्य जगहों पर केवल 200 से 300 बीघा जमीन ही उपलब्ध है।
इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार ‘लैंड पूलिंग’ मॉडल पर काम कर रही है। इसके तहत जमीन मालिकों को केवल मुआवजा देने के बजाय उन्हें परियोजनाओं में भागीदार बनाया जाएगा। सरकार आपसी सहमति से जमीन खरीदने और लैंड पूलिंग के जरिए जमीन उपलब्ध कराने की रणनीति अपना रही है। मंत्री के अनुसार शिमला, सोलन और धर्मशाला में पहले से कई परियोजनाएं चल रही हैं, जबकि अब सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू-मंडी और कांगड़ा में भी नई हाउसिंग कॉलोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जमीन जुटाने का काम तेज किया जा रहा है।
बैठक के बाद मंत्री ने आगामी चुनावों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर अच्छा समर्थन मिल रहा है और पार्टी पिछली बार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
इसके अलावा राजेश धर्माणी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और तेल संकट के असर को लेकर केंद्र सरकार समय रहते तैयारी नहीं कर पाई, जिसका असर अब आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ रही है और जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा