शिमला पहुंची नेपाल नंबर की एंबुलेंस, कमला नेहरू अस्पताल में गूंजी नवजात की किलकारी
शिमला, 22 जून (हि.स.)। बेहतर इलाज की तलाश में लोग अक्सर दिल्ली, चंडीगढ़ या दूसरे बड़े शहरों का रुख करते हैं, लेकिन नेपाल के लुम्बिनी क्षेत्र की रहने वाली 37 वर्षीय लक्ष्मी शाही और उनके परिवार ने एक अलग फैसला लिया। गर्भावस्था के दौरान गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही लक्ष्मी को लेकर परिजन करीब 20 घंटे का लंबा सफर तय करते हुए सीधे शिमला के कमला नेहरू अस्पताल पहुंचे। नेपाल से एंबुलेंस में लाई गई महिला का यहां सफल प्रसव कराया गया और अब जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। सैकड़ों किलोमीटर दूर से शिमला के सरकारी अस्पताल तक पहुंची यह यात्रा स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसे की एक अनोखी तस्वीर पेश करती है।
एक्लेम्पसिया से जूझ रही थीं लक्ष्मी, बड़े अस्पताल की थी जरूरत
लक्ष्मी शाही के परिजन मान बहादुर ने बताया कि महिला पहले नेपालगंज अस्पताल में उपचाराधीन थी। गर्भावस्था के साथ उसे एक्लेम्पसिया की समस्या भी थी, जिससे स्थिति जटिल हो गई थी। चिकित्सकों ने बेहतर सुविधाओं वाले अस्पताल में इलाज करवाने की सलाह दी। इसी दौरान परिजनों और परिचितों से उन्हें शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल के बारे में जानकारी मिली। मान बहादुर के अनुसार अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए उन्होंने महिला को यहां रेफर करवाने का निर्णय लिया। इसके बाद एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और परिवार लंबी यात्रा पर निकल पड़ा।
पहले आईजीएमसी पहुंचे, फिर कमला नेहरू अस्पताल में मिली विशेषज्ञ देखभाल
लगातार कई घंटों की यात्रा के बाद परिवार शिमला पहुंचा। परिजन सबसे पहले इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) गए, लेकिन वहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें कमला नेहरू अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया और विशेषज्ञ निगरानी में उपचार शुरू किया। कुछ समय बाद अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया गया। लंबी यात्रा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद मां और नवजात दोनों स्वस्थ होने से परिवार ने राहत की सांस ली।
मां और नवजात दोनों सुरक्षित : अस्पताल अधीक्षक
कमला नेहरू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुंदर सिंह नेगी ने बताया कि नेपाल से रेफर होकर आई गर्भवती महिला का दो दिन पहले अस्पताल में सफल प्रसव हुआ है। उन्होंने कहा कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा चिकित्सकों की निगरानी में हैं। अस्पताल की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। उन्होंने बताया कि महिला को कुछ समय तक अस्पताल में रखा जाएगा, ताकि स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की निगरानी की जा सके। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद महिला को एंबुलेंस के माध्यम से वापस नेपाल भेजा जाएगा।
शिफ्टिंग विवाद के बीच फिर सुर्खियों में आया प्रदेश का एकमात्र मातृ एवं शिशु अस्पताल
कमला नेहरू अस्पताल
हिमाचल प्रदेश का एकमात्र विशेष मातृ एवं शिशु अस्पताल है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं और नवजात यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। नेपाल से आई लक्ष्मी शाही के सफल उपचार और प्रसव ने एक बार फिर इस अस्पताल की विशेषज्ञ सेवाओं को चर्चा में ला दिया है।
खास बात यह है कि इन दिनों अस्पताल को आईजीएमसी परिसर में शिफ्ट करने का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। स्थानीय लोग, विभिन्न सामाजिक संगठन और कई नागरिक मंच प्रस्तावित शिफ्टिंग का विरोध कर रहे हैं। मामला फिलहाल हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा