नीट पेपर लीक पर केंद्र सरकार ने समय रहते जिम्मेदारी नहीं ली : नरेश चौहान
शिमला, 27 जुलाई (हि.स.)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार ने समय रहते जिम्मेदारी नहीं ली। उन्होंने दावा किया कि नीट पेपर लीक के कारण देशभर में 30 छात्रों की मौत हुई और इससे युवाओं में गहरा आक्रोश पैदा हुआ।
नरेश चौहान ने सोमवार को शिमला में कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र केवल परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के आंदोलन का सही आकलन नहीं किया और इसका परिणाम पूरे देश में बढ़ते विरोध के रूप में सामने आया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को नीट पेपर लीक के पहले दिन ही जिम्मेदारी तय करनी चाहिए थी। उनका कहना था कि नैतिक आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का उसी समय इस्तीफा हो जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीने तक जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण देशभर में आंदोलन फैल गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ सख्ती बरती गई। चौहान ने कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी को लेकर भाजपा को जवाब देना चाहिए।
नरेश चौहान ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार का बचाव करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने पिछली भाजपा सरकार की तुलना में अधिक लोगों को सरकारी नौकरियां दी हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के हालिया बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। चौहान ने कहा कि जयराम ठाकुर को याद रखना चाहिए कि उनकी सरकार के समय पुलिस भर्ती पेपर लीक का मामला सामने आया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय हमीरपुर स्थित चयन आयोग में प्रश्नपत्र बेचे जा रहे थे। उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार ने ऐसी व्यवस्था पर रोक लगाई और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया।
नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष रही है और पेपर लीक का कोई मामला सामने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब उन मुद्दों पर सवाल उठा रही है, जिनकी घटनाएं उसके अपने शासनकाल में हुई थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा