नीट परीक्षा लीक मामले की उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज से हो जांच : प्रदेश कांग्रेस

 

शिमला, 13 मई (हि.स.)। देशभर में आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज से करवाने की मांग उठाई है। प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद ज़िंटा ने कहा कि यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।

बुधवार को शिमला से जारी बयान में विनोद ज़िंटा ने कहा कि 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। इन छात्रों ने महीनों और वर्षों तक कड़ी मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक होने और बाद में परीक्षा रद्द होने से उनके भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि यह युवाओं के साथ बड़ा अन्याय और धोखा है।

प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि इस मामले की जांच केवल सीबीआई को सौंपना पर्याप्त नहीं होगा। विनोद ज़िंटा के अनुसार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब इसकी निगरानी उच्चतम न्यायालय के किसी सिटिंग जज द्वारा की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले लोगों की पहुंच सत्ता के प्रभावशाली लोगों तक हो सकती है, इसलिए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच जरूरी है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा शासन में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे युवाओं का भरोसा सरकारी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं से उठता जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश पहले ही बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई से परेशान है, ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह की गड़बड़ियां युवाओं को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित कर रही हैं।

विनोद ज़िंटा ने कहा कि लाखों छात्र और उनके परिवार परीक्षा की तैयारी में अपनी जमा पूंजी और कई साल खर्च कर देते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रणाली ही सुरक्षित नहीं रहेगी तो यह देश के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा