नशा मुक्त युवा विकसित भारत अभियान : जेयूआईटी वाकनाघाट में छात्रों ने ली नशा मुक्ति की शपथ
शिमला, 02 अगस्त (हि.स.)। नशे के खिलाफ देशव्यापी जनभागीदारी अभियान 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत रविवार को पूरे देश में की गई। इसी क्रम में मेरा युवा भारत (माय भारत) शिमला ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तहत जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेयूआईटी), वाकनाघाट के सहयोग से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक, माय भारत के स्वयंसेवक, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक और अन्य लोगों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना और नशा मुक्ति की शपथ ली।
यह कार्यक्रम देशभर में एक साथ आयोजित किए गए अभियान का हिस्सा था।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद युवाओं को संबोधित किया। इस अभियान के साथ नशे के खिलाफ 100 सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रीय जनभागीदारी अभियान की शुरुआत हुई है। इसका उद्देश्य युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और समुदायों को एक मंच पर लाकर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
जेयूआईटी वाकनाघाट में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि नशे से मुक्त समाज का निर्माण युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।
देशभर में शुरू हुए इस अभियान में 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी जुड़े हैं। इनके साथ माय भारत के स्वयंसेवक, एनएसएस, युवा क्लब, शैक्षणिक संस्थान, गैर-सरकारी संगठन, उद्योग संगठनों के युवा प्रकोष्ठ और कई सामुदायिक संस्थाएं भी अभियान का हिस्सा बनी हैं।
अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ एक व्यापक सामाजिक आंदोलन तैयार करना है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के भविष्य के निर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए परिवार, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और सरकारी एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े कुछ प्रतिभागियों से बातचीत भी की और युवाओं को जागरूकता फैलाने, समाज सेवा करने तथा लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
अभियान के शुभारंभ के दौरान देशभर के 25 हजार से अधिक स्थानों को एक साथ जोड़ा गया। इस दौरान एक करोड़ से अधिक युवाओं ने एक साथ नशा मुक्ति की शपथ ली।
कार्यक्रम में जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, वाकनाघाट के रजिस्ट्रार ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) आर.के. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि देश के युवा सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें नशे से बचाना विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवा स्वयंसेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्वयंसेवा, नवाचार और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए, जिससे अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिले।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा