नशे के खिलाफ अभियान: युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें: अपूर्व देवगन
मंडी, 07 सितंबर (हि.स.)। जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय केंद्र एनकॉर्ड की बैठक पुलिस लाइन मंडी स्थित कामाक्षा हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अपूर्व देवगन ने की। बैठक में जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान, एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई, वित्तीय जांच,अवैध भांग-अफीम की खेती की रोकथाम तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देना होगा।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ‘अपना विद्यालय’ योजना के तहत गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित रूप से विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को प्रतिमाह स्कूलों में आयोजित की गई एंटी चिट्टा जागरूकता गतिविधियों की रिपोर्ट प्रतिमाह एनकॉर्ड की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पहली जनवरी से 31 अगस्त, 2026 तक मंडी जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 230 अभियोग दर्ज किए गए और 368 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 349 पुरुष और 19 महिलाएं शामिल हैं। इस वर्ष अवैध रूप से की गई भांग की खेती से 5,11,160 पौधे भी नष्ट किए गए। बैठक में जिले की 24 अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों की गतिविधियों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने इन पंचायतों में समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, नगर निकायों और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक जन -जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा