मेले हमारे पहाड़ी प्रदेश की समृद्ध प्राचीन संस्कृति का हिस्सा: अपूर्व देवगन
मंडी, 05 अप्रैल (हि.स.)। जिला स्तरीय नलवाड़ मेले का शुभारंभ उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने किया। उन्होंने इस अवसर पर ममलेशवर महादेव की पूजा-अर्चना की और बैल पूजन कर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। ममलेशवर महादेव मंदिर से लेकर मेला मैदान तक ममलेशवर महादेव की अगुवाई में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। जिसमें देवताओं सहित सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया।
मेले के शुभारंभ अवसर पर मुख्यातिथि ने अपने संबोधन में कहा कि मेले हमारे पहाड़ी प्रदेश की समृद्ध प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है, जिन्हें संजो कर रखना हम सभी का दायित्व है ताकि आने वाले पीढ़ियों को हम अपनी समृद्ध संस्कृतिक से जोड़ सके।
उन्होंने कहा कि मंडी जिला के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मनाए जाने वाले मेले देव संस्कृति पर आधारित है जो लोगों को एक दूसरे के साथ जोड़ने का कार्य भी करती है।
उपायुक्त ने कहा कि देव संस्कृति पर आधारित नलवाड़ मेला करसोग, जो प्राचीन धरोहर है, को इस वर्ष युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों के साथ जोड़ने के लिए चिट्टा मुक्त करसोग, मंडी (हिमाचल) थीम पर मनाया जाना, मेला समित्ति और स्थानीय प्रशासन की एक सराहनीय पहल है।
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिताएं और अन्य गतिविधियां युवाओं को नशे जैसी बुराई से दूर रखने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जन मानस के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाए चलाई जा रही है जिनके माध्यम से उनके जीवन स्तर में बदलाव आ रह है।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि इस वर्ष नलवाड़ मेले में किसानों के लिए पशु-प्रदर्शनी का आयोजन करना, पशु पालकों को अच्छी किस्म की गौ पालन के लिए प्रेरित करना, दूध गुणवत्ता को बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को दुध उत्पादन व्यवसाय से जोडने के लिए कार्यशाला का आयोजन करना भी सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा इससे ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा