नाहन की नाज़िया ने शास्त्री में किया कॉलेज टॉप, रूढ़ियां तोड़ पेश की धार्मिक एकता की मिसाल
नाहन, 18 जून (हि.स.)। सिरमौर जिले से एक ऐसी अनूठी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो समाज में भाषा और धर्म की रूढ़िवादी दीवारों को तोड़ती है। गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत कॉलेज नाहन की छात्रा नाज़िया ने शास्त्री (संस्कृत) फाइनल ईयर की परीक्षा में पूरे कॉलेज में टॉप कर एक नया इतिहास रच दिया है। आमतौर पर मुस्लिम परिवारों में अरबी, उर्दू या धार्मिक तालीम को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन नाज़िया ने देवभाषा संस्कृत को चुनकर न केवल अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत मिसाल भी पेश की है।
मूल रूप से पावंटा साहिब के गांव रामपुर बंजारन (डाकघर धौलाकुआं) की रहने वाली नाज़िया (पुत्री सलीम मोहम्मद और माता संजीदा) शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई में बेहद कुशाग्र रही हैं। उनके पिता एक फैक्ट्री में काम करते हैं और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अपनी होनहार बेटी के सपनों को हमेशा पंख दिए। नाज़िया ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कॉलेज में 1000 में से 785 अंक हासिल कर पहला स्थान पाया है।
नाज़िया की काबिलियत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जमा दो की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक साथ तीन अलग-अलग क्षेत्रों नर्सिंग, जेबीटी और शास्त्री की प्रवेश परीक्षाएं क्लियर कर ली थीं। उनके पास करियर के कई रास्ते खुले थे, लेकिन अपने व्यक्तिगत शौक और अपनी ‘ मैडम’ के विशेष मार्गदर्शन व कहने पर उन्होंने संस्कृत कॉलेज, नाहन में शास्त्री में दाखिला लेने का फैसला किया। आज उन्होंने अपने इस अनोखे फैसले को सही साबित करते हुए कॉलेज का नाम पूरे क्षेत्र में चमका दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर