आईआईटी मंडी में पांच वर्षों में पहुंचे 571 हिमाचली विद्यार्थी, 767 स्थानीय लोगों को मिला रोजगार

 


मंडी, 31 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने पिछले साढ़े चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश में अपनी शैक्षणिक, शोध और रोजगार संबंधी गतिविधियों का विस्तार किया है। जनवरी 2022 से अब तक संस्थान में हिमाचली विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 से 2026-27 के बीच आईआईटी मंडी में हिमाचल प्रदेश के 571 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, जबकि इससे पहले के पांच वर्षों में यह संख्या 159 थी। इनमें 253 विद्यार्थियों ने पीएचडी, 146 ने एमटेक रिसर्च और 20 ने डुअल डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश लिया है।

प्रो. बेहरा ने बताया कि संस्थान में विभिन्न श्रेणियों के कुल 834 कर्मचारियों में से 767 यानी लगभग 92 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश के निवासी हैं। वहीं, नियमित 197 कर्मचारियों में से 135 हिमाचली हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान ने स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ हजारों विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों पर केंद्रित 14 शोध परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनके लिए 23.26 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इनमें 1.96 करोड़ रुपये की आपदा सहनशीलता से जुड़ी चार परियोजनाएं शामिल हैं। इनके तहत कांगड़ा और मंडी में भूस्खलन निगरानी एवं चेतावनी प्रणाली, शिमला, मंडी और मनाली में बहु-जोखिम आकलन तथा एआई आधारित भूकंपीय जोखिम आकलन पर काम किया जा रहा है।

इसके अलावा टाटा ट्रस्ट ने जलवायु नियंत्रण और आपदा प्रबंधन गतिविधियों के लिए आईआईटी मंडी को 20 करोड़ रुपये का वित्तपोषण दिया है। संस्थान पहाड़ी क्षेत्रों में सटीक एवं जलवायु नियंत्रित खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी काम कर रहा है।

प्रो. बेहरा ने बताया कि आईआईटी मंडी कैटालिस्ट ने 2022 से 2026 के बीच 278 स्टार्टअप को सहयोग दिया, जिनमें 59 हिमाचल प्रदेश के हैं। राज्य के सभी 12 जिलों में 36 प्री-रूरल इनक्यूबेशन केंद्र स्थापित करने की पहल को भी समर्थन दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी हिमाचल की धरती पर स्थापित संस्थान है और राज्य के लोगों के प्रति उसकी विशेष जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के हर जिले को आईआईटी मंडी की शैक्षणिक, शोध और तकनीकी गतिविधियों का लाभ मिले।

हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा