अफसरों का कैडर घटाने के बजाय ‘मित्रों की फौज’ कम करे सुक्खू सरकार : सांसद सुरेश कश्यप
शिमला, 20 अगस्त (हि.स.)। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार को अधिकारियों का कैडर कम करने के बजाय अपनी ‘मित्रों की फौज’ और अनावश्यक खर्चों को कम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कर्ज ले रही है और इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है।
सीपीआरआई मुख्यालय में स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान विरवारको मीडिया से बातचीत में कश्यप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के भाजपा सांसदों को लेकर दिए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों को मुख्यमंत्री से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। सांसद अपनी संवैधानिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों को जानते हैं और हिमाचल से जुड़े मुद्दों को संसद तथा केंद्र सरकार के सामने उठाते हैं।
कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार ने आपदा और विकास के मामलों में हिमाचल की मदद की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार के मंत्री दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मिलते हैं और विकास कार्यों के लिए धनराशि भी लेते हैं, लेकिन बाद में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करना भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल को विशेष श्रेणी राज्य के तहत कई केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात में सहायता का लाभ मिलता है।
राजस्व घाटा अनुदान के सवाल पर कश्यप ने कहा कि यह एक अस्थायी व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और वर्ष 2030 तक देश का सबसे विकसित राज्य बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक समस्याओं के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराती है। उनके अनुसार सरकार को आय बढ़ाने, गैर-जरूरी खर्च घटाने और कर्ज पर निर्भरता कम करने पर काम करना चाहिए।
आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों के कैडर में कमी के प्रस्ताव पर कश्यप ने कहा कि प्रशासनिक ढांचे को कमजोर करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को अनावश्यक राजनीतिक नियुक्तियों और फिजूलखर्ची पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज पर कर्ज लेकर प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेला जा रहा है।
कश्यप ने हिमकेयर योजना को लेकर कहा कि यह गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। यदि इसमें किसी तरह की गड़बड़ी है तो सरकार जांच करवाए और दोषियों पर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर पूरी योजना को बंद या कमजोर करना गरीबों के हित में नहीं होगा।
उन्होंने कांग्रेस के भाजपा में गुटबाजी के आरोपों पर कहा कि भाजपा का एक ही गुट है और उसका नाम भारतीय जनता पार्टी है। वंदे मातरम् और तिरंगे को लेकर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान देश के गौरव से जुड़ा विषय है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि देश सर्वोपरि है।
कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा सांसदों की भूमिका पर सवाल उठाने के बजाय अपनी सरकार के तीन साल से अधिक के कार्यकाल, प्रदेश की आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज और विकास की रफ्तार पर ध्यान देना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा