धौलाकुआं अनाज मंडी पर बिंदल के आरोपों को सोलंकी ने बताया भ्रम की राजनीति

 


नाहन, 15 सितंबर (हि.स.)। धौलाकुआं अनाज मंडी को बंद करने के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के आरोपों पर नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने पलटवार किया है। उन्होंने बिंदल के आरोपों को बेवजह भ्रम फैलाने की राजनीति बताते हुए कहा कि धौलाकुआं में किसानों के लिए अनाज खरीद केंद्र बंद नहीं होगा। फसल बेचने का समय आने से पहले किसानों के लिए उचित स्थान पर खरीद की पूरी व्यवस्था कर ली जाएगी।

सोलंकी ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह कृषि विज्ञान केंद्र की है। कृषि विज्ञान केंद्र के अपने निर्धारित मानक और आवश्यकताएं हैं। यदि इस जमीन को स्थायी रूप से अनाज खरीद मंडी के लिए दे दिया जाता है तो संस्थान के संचालन पर संकट खड़ा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एपीएमसी के माध्यम से आसपास कृषि विभाग की जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस संबंध में एपीएमसी की ओर से प्रस्ताव भी प्रक्रिया में है। जल्द ही उचित स्थान का चयन कर वहां अनाज खरीद केंद्र स्थापित किया जाएगा।

अजय सोलंकी ने कहा कि वर्ष 2022 में भाजपा सरकार के समय भी कुछ अवधि के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन अनाज खरीद केंद्र के लिए ली गई थी। उस समय भी जल्द दूसरी जगह तलाशकर स्थायी खरीद केंद्र बनाने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद मौजूदा स्थान पर पोर्टेबल ढांचा खड़ा कर किसानों की उपज की खरीद की जाती रही। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव बिंदल यह भी नहीं बता रहे हैं कि प्रदेश सरकार धौलाकुआं में कृषि महाविद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन को स्थायी रूप से अनाज मंडी के लिए इस्तेमाल करना किसानों और कृषि क्षेत्र के व्यापक हितों के खिलाफ हो सकता है।

विधायक ने स्पष्ट किया कि किसानों की फसल की खरीद किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होगी। खरीद केंद्र बंद करने का कोई सवाल ही नहीं है, बल्कि किसानों के लिए बेहतर और उचित स्थान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि फसल मंडी में आने तक उपयुक्त जमीन का चयन कर खरीद केंद्र की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाएगी।

सोलंकी ने बिंदल पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के नाम पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी और फसल खरीद शुरू होने से पहले सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर