हिमाचल को नहीं मिली केंद्र से कोई सौगात, खाली हाथ लौटे जेपी नड्डा : मंत्री रोहित ठाकुर और राजेश धर्माणी
शिमला, 13 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के दौरे पर आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपाबक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के मंत्रियों रोहित ठाकुर और राजेश धर्माणी ने नड्डा के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि हिमाचल को उनके दौरे से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन प्रदेश को कोई नई सौगात नहीं मिली और उनका दौरा राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहा।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश के लोग उम्मीद कर रहे थे कि केंद्रीय मंत्री हिमाचल की वित्तीय चुनौतियों को समझेंगे और केंद्र से राहत दिलाने के लिए कोई ठोस घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि नड्डा राज्य सरकार के साथ संवाद करते और आर्थिक हालात पर चर्चा करते तो प्रदेश को वास्तविक लाभ मिल सकता था। ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल का राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है और राज्य की ऋण लेने की सीमा भी कम कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अब तक प्रदेश को नहीं मिली है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद कई केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाला पैसा समय पर जारी नहीं किया जा रहा। उन्होंने भाजपा के पंचायत चुनावों में जीत के दावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी झूठे आंकड़ों के आधार पर उत्साह दिखा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कार्यकाल में भाजपा उपचुनावों में हार का सामना कर चुकी है और मंडी संसदीय सीट भी गंवा चुकी है।
वहीं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी नड्डा के बयानों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बड़ी परियोजनाएं मिली थीं। उनके अनुसार उस समय प्रदेश में दो मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए, टांडा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं शुरू हुईं और हमीरपुर में भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने हिमाचल को स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए थे और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं भी शुरू की थीं।
धर्माणी ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में हिमाचल की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं लंबित हैं। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और शानन परियोजना जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार और जेपी नड्डा ने प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि नड्डा अपने दौरे के दौरान प्रदेश सरकार की आलोचना कर चले गए और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी आरोप लगाए।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में चुनाव नजदीक आते देख इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने नड्डा द्वारा लगाए गए अटैची भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस सरकारों को अस्थिर करने के लिए अटैची कल्चर की शुरुआत भाजपा ने ही की थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा