हिमाचल में सड़क अवसंरचना संरक्षण कानून में संशोधन मील का पत्थर: विक्रमादित्य सिंह

 

शिमला, 04 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि विधानसभा से पारित ‘हिमाचल प्रदेश सड़क अवसंरचना संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026’ राज्य में सड़कों और उनसे जुड़ी अवसंरचना की सुरक्षा, रखरखाव और प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संशोधनों का उद्देश्य कानून को तेजी और प्रभावी तरीके से लागू करना है। इससे आम लोगों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के लिए कई प्रक्रियाएं सरल होंगी।

विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को कहा कि संशोधित कानून में सड़क अवसंरचना के डिजिटल और जियो-कोऑर्डिनेटेड मानचित्र तैयार करने का प्रावधान किया गया है। सड़क की सीमा का सही तरीके से मानचित्रण और जियो-कोऑर्डिनेशन होने के बाद कानून के तहत कार्रवाई के लिए बार-बार मौके पर जाकर सीमांकन करने की जरूरत नहीं होगी। इससे कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होगी। सड़क किनारे निर्माण और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए अनुमति तथा अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने में भी कम समय लगेगा।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि संशोधनों में क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, जल निकासी संरचनाओं और अन्य सड़क अवसंरचना की तत्काल बहाली का प्रावधान भी किया गया है। सड़क को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति से मरम्मत की लागत और जुर्माने की राशि वसूली जाएगी। संशोधित प्रावधान विभाग को ऐसी आपात स्थितियों में तत्काल निवारक कार्रवाई करने का अधिकार भी देते हैं, जहां सड़क अवसंरचना या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो।

उन्होंने कहा कि सड़कों के बेहतर रखरखाव और समय पर मरम्मत के लिए अब जरूरत के अनुसार किसी सड़क या उसके हिस्से को रखरखाव, मरम्मत या सड़क अवसंरचना की सुरक्षा के लिए प्रतिबंधित या बंद किया जा सकेगा। इससे विभाग आवश्यक काम सुरक्षित और प्रभावी तरीके से पूरा कर सकेगा।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि संशोधन के तहत अपराध से जुड़े प्रावधानों को भी तर्कसंगत बनाया गया है। अब हर तरह के उल्लंघन को आपराधिक अपराध नहीं माना जाएगा। केवल निर्धारित गंभीर या लगातार जारी रहने वाले उल्लंघनों में आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इनमें अधिकारियों के काम में बाधा डालना, आदेश के बाद भी प्रतिबंधित गतिविधि जारी रखना, अंतिम मांग की राशि का जानबूझकर भुगतान नहीं करना और सड़क पर लगाए गए प्रतिबंध या सड़क बंद करने के आदेश का उल्लंघन शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आपत्ति और अपील दाखिल करने की समय सीमा भी बढ़ाई गई है। इसके साथ ही सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर स्तर पर अपील की व्यवस्था की गई है। इससे शिकायत और अपील की प्रक्रिया लोगों तथा विभाग के लिए अधिक सुगम होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा