पार्टी के मुद्दे सोशल मीडिया नहीं, संगठन के मंच पर उठाए जाने चाहिए : मंत्री चंद्र कुमार

 


शिमला, 06 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के भीतर उठे ताजा विवाद के बीच सूक्खु सरकार में कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों को सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर उठाने के बजाय पार्टी के भीतर निर्धारित मंचों पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने शनिवार को कहा कि असहमति और मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन उनका समाधान संवाद और संगठनात्मक प्रक्रिया के माध्यम से ही निकाला जाना चाहिए।

कृषि मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) नीरज भारती ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। नीरज भारती ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा सार्वजनिक करते हुए कांग्रेस सरकार के पिछले साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता को लेकर भी असंतोष जताया था। पार्टी नेतृत्व उनके इस्तीफे को स्वीकार कर चुका है।

इस पूरे घटनाक्रम को इसलिए भी विशेष महत्व दिया जा रहा है क्योंकि नीरज भारती के पिता चंद्र कुमार स्वयं सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में एक ओर पिता सरकार का हिस्सा हैं, जबकि दूसरी ओर बेटा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चंद्र कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन पार्टी और सरकार से जुड़े मामलों को सोशल मीडिया पर उठाना उचित परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता या कार्यकर्ता को किसी निर्णय, नीति या कार्यप्रणाली को लेकर आपत्ति है तो उसे मुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व अथवा पार्टी के संबंधित मंचों के समक्ष रखना चाहिए।

चंद्र कुमार ने कहा कि कांग्रेस एक बड़ा लोकतांत्रिक संगठन है, जहां हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। पार्टी के भीतर संवाद और चर्चा के लिए पर्याप्त मंच उपलब्ध हैं। इसलिए किसी भी असहमति को सार्वजनिक विवाद का रूप देने के बजाय संगठन के भीतर सुलझाने का प्रयास होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता और अनुशासन होती है। संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय तथा आपसी संवाद ही पार्टी को मजबूत बनाए रख सकता है। उन्होंने नेताओं और पदाधिकारियों से सार्वजनिक बयानबाजी में संयम बरतने की भी अपील की।

नीरज भारती के इस्तीफे और उनके आरोपों से जुड़े सवाल पर चंद्र कुमार ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व पूरे मामले पर विचार करेगा और सभी पक्षों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए तथा किसी भी विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है।

कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में रचनात्मक आलोचना का स्वागत होना चाहिए, क्योंकि इससे सुधार की संभावनाएं बढ़ती हैं। हालांकि ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए जिनसे पार्टी और सरकार की सार्वजनिक छवि प्रभावित हो। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस नेतृत्व संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से सभी मुद्दों का समाधान निकालने में सक्षम है।

गौरतलब है कि नीरज भारती पूर्व विधायक रह चुके हैं और कांग्रेस की वीरभद्र सिंह सरकार में मुख्य संसदीय सचिव का दायित्व भी संभाल चुके हैं। दो दिन पहले उन्होंने प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, जिसे प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा