आपदा से निपटने के लिए हर ग्राम पंचायत में तैयार होंगे पांच आपदा मित्र
सोलन, 25 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर ने सभी विभागों को आपदा से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
दीपक राठौर शनिवार को यहां मानसून की तैयारियों और विशेष राहत पैकेज को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अचानक आने वाली आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के लिए विभागों का पहले से तैयार रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय लोगों की मदद करने के लिए प्रशिक्षित लोगों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम पांच लोगों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है। ये प्रशिक्षित लोग आपदा मित्र के रूप में काम करेंगे और आपदा के समय लोगों की जान और संपत्ति को बचाने में सहायता करेंगे।
दीपक राठौर ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुसार प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में आपदा मित्र तैयार करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता भी जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे आधुनिक उपकरणों की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए जो आपदा प्रभावित लोगों तक जल्द मदद पहुंचाने में उपयोगी साबित हो सकें। उन्होंने कहा कि बेहतर संसाधनों और प्रशिक्षित लोगों की मदद से आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
बैठक में दीपक राठौर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से एक मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से आपदा की स्थिति में घटनाओं की सटीक जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से होने वाले नुकसान की दैनिक रिपोर्ट डीएमआईएस पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड की जाए। इससे आपदा की स्थिति और नुकसान का सही आकलन करने में मदद मिलेगी।
बैठक में बताया गया कि सोलन जिले के नालागढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक कंपनी तैनात है। इसमें 100 जवान, अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से 3,877 स्वयंसेवक भी आपदा प्रबंधन कार्यों में जुड़े हुए हैं।
सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बैठक में उपाध्यक्ष दीपक राठौर को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आपदा की स्थिति से संवेदनशीलता और पूरी तैयारी के साथ निपटेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा