नगर निगम नतीजे पूरे प्रदेश का ट्रेंड नहीं, जिला परिषद और पंचायत समितियों में कांग्रेस को बढ़त : नरेश चौहान

 

शिमला, 31 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों के चुनाव परिणाम आने के बाद जहां भाजपा इसे कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनादेश बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार व कांग्रेस नेता नरेश चौहान ने इन दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि केवल चार विधानसभा क्षेत्रों के सीमित मतदाताओं के आधार पर पूरे प्रदेश का राजनीतिक रुझान तय नहीं किया जा सकता।

नरेश चौहान ने रविवार को कहा कि भाजपा नगर निगम चुनावों के नतीजों के बाद राहत की सांस ले रही है और प्रदेश सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने जैसे दावे कर रही है, लेकिन यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 68 विधानसभा क्षेत्र हैं, जबकि नगर निगम चुनाव केवल चार विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित थे। इन चुनावों में कुल मिलाकर करीब 15 हजार वोट पड़े हैं, इसलिए इन्हें पूरे प्रदेश का जनादेश नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर नगर निगम चुनावों के आधार पर सरकार के भविष्य की भविष्यवाणी कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक तस्वीर जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के नतीजों से सामने आएगी। उनका दावा है कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति स्तर पर कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त मिलेगी और जब इन संस्थाओं का गठन होगा तो राजनीतिक तस्वीर भी साफ हो जाएगी।

नरेश चौहान ने मंडी नगर निगम में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भाजपा की सफलता के पीछे स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियां और विधायक अनिल शर्मा का प्रभाव भी एक महत्वपूर्ण कारण रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला और सोलन नगर निगम में भी कई वार्डों में कांग्रेस उम्मीदवार बहुत कम अंतर से चुनाव हारे हैं। ऐसे चुनावों में स्थानीय नेताओं की छवि और क्षेत्रीय समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन नतीजों को पूरे प्रदेश की राजनीतिक सोच का प्रतिबिंब मानना उचित नहीं होगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी चुनाव परिणामों की समीक्षा करेगी और जहां कहीं टिकट चयन या संगठनात्मक स्तर पर कमियां रही होंगी, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाएगा ताकि भविष्य में संगठन को और मजबूत किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा