मनरेगा संशोधन के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, मंत्री जगत नेगी का केंद्र पर निशाना
शिमला, 10 जनवरी (हि.स.)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में किए गए संशोधनों को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस ने इन बदलावों को गरीब और ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ बताते हुए देशभर में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत जनजागरण अभियान शुरू किया है। इस कड़ी में हिमाचल प्रदेश में भी शनिवार से ब्लॉक स्तर पर आंदोलन की शुरुआत कर दी गई है।
शिमला में जिला शिमला शहरी कांग्रेस द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मनरेगा का नाम बदलकर और इसमें संशोधन कर इस कानून को कमजोर कर दिया है। जगत नेगी ने कहा कि पहले वोट चोरी की गई और अब ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार लोगों से रोजगार और मजदूरी छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कोशिश को कभी सफल नहीं होने देगी।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार ने सभी राजनीतिक दलों से विस्तृत चर्चा के बाद लोकसभा में कानून पारित कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर रोजगार गारंटी योजना को कानूनी रूप दिया था, जिसे मनरेगा के नाम से जाना गया। इस कानून से ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ा, पंचायती राज संस्थाओं को मजबूती मिली और स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा स्वरूप में पंचायतों से अधिकार छीन लिए गए हैं और अब यह तय करने का पूरा अधिकार केंद्र सरकार के पास चला गया है कि कौन सा काम होगा और कौन सा नहीं।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब 12 वर्षों से केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा को लगातार कमजोर करती रही है। राज्यों को समय पर पूरा बजट नहीं दिया गया। जगत नेगी के अनुसार हिमाचल प्रदेश का मनरेगा के तहत करीब 400 करोड़ रुपये का बकाया आज भी केंद्र सरकार के पास लंबित पड़ा है जिससे ग्रामीण विकास और मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी प्रभावित हो रही है।
जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि वह कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई दो दर्जन से अधिक जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलकर उन्हें अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता का अपमान है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर सकती।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा