मंडी कलम शिल्प पर आयोजित कार्यशाला संपन्न, उपायुक्त ने प्रतिभागियों को किया सम्मानित

 


मंडी, 27 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम हिमक्राफ्ट मंडी द्वारा अप्पर बिजनी में मंडी कलम चित्रकला एवं शिल्प पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसका समापन उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनका उत्साहवर्द्धन भी किया।

अपूर्व देवगन ने कहा कि युवाओं के कौशल में निखार लाने के लिए सरकार की ओर से विविध स्तर पर प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंडी कलम जैसी लघु चित्रकला शैली पर यह कार्यशाला आयोजित की गई।

उन्होंने कहा कि मंडी नगर अपनी प्राचीन परंपराओं एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन में सदैव अग्रणी रहा है। यहां से उभरी चित्रकला विधा में मंडी कलम उत्तरोत्तर विस्तार पा रही है। इस कला के विकास में युवाओं का योगदान इसे और भी विशेष बना देता है। उन्होंने कहा कि इस विधा के प्रसार की अच्छी संभावनाएं हैं और चित्रकारी में रूचि रखने वालों को इसके लिए निरंतर प्रयास जारी रखते हुए आगे आना चाहिए।

उपायुक्त ने कहा कि एक माह की इस कार्यशाला के दौरान सभी प्रतिभागियों ने बेहद आकर्षक एवं सुंदर पेंटिंग्ज बनाई हैं। आम लोगों तक उनके इस हुनर को ले जाने के लिए आयोजकों की पहल पर इसकी एक प्रदर्शनी लगाने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस तरह के कार्यक्रमों को मूर्तरूप प्रदान करने तथा ललित कला को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन हमेशा कलाकारों एवं कारीगरों के साथ है। उन्होंने मंडी कलम को प्रोत्साहन देने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम (हिमक्राफ्ट) के प्रयासों की भी सराहना की।

कार्यशाला के दौरान बताया गया कि मंडी कलम की एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही है जो सदियों पुरानी है। एक अनुमान के अनुसार सोलहवीं सदी से उन्नीसवीं सदी तक मंडी कलम लघु चित्रकला अपने चरम पर थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा