हिमाचल प्रदेश में 996 एमबीबीएस और 400 पीजी सीटें : केंद्र
शिमला, 10 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्थिति स्पष्ट की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सांसद सुरेश कुमार कश्यप के अतारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश में सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 846 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। एक निजी मेडिकल कॉलेज में 150 एमबीबीएस सीटें हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 996 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हिमाचल के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 307 स्नातकोत्तर यानी पीजी सीटें हैं। एक निजी मेडिकल कॉलेज में 93 पीजी सीटें उपलब्ध हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 400 पीजी सीटें हैं।
सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्र से हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों, संबद्ध अस्पतालों, डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सहित स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की स्थिति की जानकारी मांगी थी। उन्होंने जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में स्वीकृत और कार्यरत पदों का विवरण भी पूछा था।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग तथा अन्य कर्मचारियों के स्वीकृत, कार्यरत पदों और रिक्तियों की जानकारी हेल्थ डायनेमिक्स ऑफ इंडिया 2023-24 में उपलब्ध है। पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों में एमबीबीएस और एमडी/एमएस की पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टरों तथा उनमें से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नियुक्त डॉक्टरों का आंकड़ा केंद्र स्तर पर संधारित नहीं किया जाता।
केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल राज्य सूची के विषय हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। केंद्र सरकार राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता देती है।
कश्यप ने कहा कि केंद्र की योजना के तहत चंबा, हमीरपुर और नाहन में तीन मेडिकल कॉलेज मंजूर किए गए हैं और तीनों कार्यशील हैं। छह मेडिकल कॉलेजों में 120 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के लिए 144 करोड़ रुपये और एक मेडिकल कॉलेज में 17 अतिरिक्त पीजी सीटों के लिए 14.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर में एम्स की स्थापना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत हुई है। टांडा और शिमला के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के दो प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किए गए हैं। कश्यप ने कहा कि इन कदमों से हिमाचल में चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का आधार मजबूत हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा