धौलाकुआं में लीची एवं आम दिवस का आयोजन, उन्नत तकनीकों एवं किसान-वैज्ञानिक सहयोग पर दिया बल
नाहन, 19 जून (हि.स.)।डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के अधीन क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र धौलाकुआं में शुक्रवार को लीची एवं आम दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को इन महत्वपूर्ण फलों की नवीनतम उत्पादन तकनीकों, उन्नत किस्मों तथा कटाई उपरांत प्रबंधन संबंधी जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में किसानों, वैज्ञानिकों तथा अन्य हितधारकों ने भाग लिया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरमिंदर सिंह बवेजा इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे। अपने संबोधन में प्रो. बवेजा ने हिमाचल प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्रों में आम और लीची की खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इन्हें किसानों की आय बढ़ाने वाली फसलें बताया। उन्होंने अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक बाग प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सिट्रस फलों के बागों की उत्पादकता एवं लाभप्रदता अनुसंधान और प्रसार का प्राथमिक क्षेत्र होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने किसानों के साथ मजबूत सहयोग तथा किसानों के खेतों पर सहभागी अनुसंधान परीक्षणों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे स्थानीय समस्याओं के समाधान और नई तकनीकों को अपनाने में सहायता मिल सके।
बाजार से जुड़ाव के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रो. बवेजा ने कृषि उपज मंडी समितियों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि किसानों को बाजार की आवश्यकताओं, गुणवत्ता मानकों, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन की बेहतर जानकारी मिल सके। उन्होंने धौलाकुआं में बागवानी जर्मप्लाज्म के संरक्षण हेतु एक जीन बैंक स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो और स्ट्रॉबेरी जैसी उभरती हुई उच्च मूल्य वाली फल फसलों को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर