प्रवक्ता बने 642 टीजीटी शिक्षकों को अब तक नहीं मिला नया वेतनमान, संघ ने उठाया मुद्दा
शिमला, 08 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगस्त 2025 में प्रवक्ता (स्कूल लेक्चरर) पद पर पदोन्नत हुए 642 टीजीटी शिक्षकों को अभी तक प्रवक्ता पद के अनुरूप वेतन नहीं मिल पाया है। वेतन निर्धारण लंबित रहने के कारण ये शिक्षक पदोन्नति से मिलने वाले वित्तीय लाभ से वंचित हैं। साथ ही कई शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि भी प्रभावित हुई है। इस मामले को लेकर राजकीय टीजीटी कला संघ ने शिक्षा निदेशक और शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप कर जल्द समाधान करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि पदोन्नति के बाद शिक्षकों को प्रवक्ता पद का वेतनमान, पदोन्नति पर मिलने वाली वेतन वृद्धि और वार्षिक इंक्रीमेंट मिलनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि कई शिक्षकों को पिछले वर्ष की इंक्रीमेंट भी नहीं मिली है और इस वर्ष की इंक्रीमेंट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अधिकांश शिक्षकों की सर्विस बुक शिक्षा निदेशालय में लंबित होने के कारण उनका वेतन निर्धारण पूरा नहीं हो पाया है। इसी वजह से कई शिक्षक अभी भी टीजीटी के वेतनमान पर ही कार्य कर रहे हैं।
राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, उपाध्यक्ष विजय बरवाल और महासचिव विजय हीर ने कहा कि शिक्षकों ने अक्टूबर 2025 तक वेतन निर्धारण के लिए अपने विकल्प विभाग को भेज दिए थे। इसके बाद भी लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने लंबित वेतन निर्धारण, बकाया एरियर और पदोन्नति से जुड़े सभी वित्तीय लाभ एक साथ जारी करने की मांग की है।
संघ ने टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का मामला भी उठाया है।
संघ के अनुसार वर्ष 2017 के बाद नियुक्त हजारों टीजीटी शिक्षकों की अंतिम वरिष्ठता सूची पिछले आठ वर्षों से जारी नहीं हुई है। इसका असर पदोन्नति प्रक्रिया पर पड़ रहा है, क्योंकि टीजीटी से प्रवक्ता और हेडमास्टर पद पर पदोन्नति के लिए आवेदन करते समय वरिष्ठता क्रमांक देना अनिवार्य होता है। संघ ने शिक्षा विभाग से वरिष्ठता सूची जल्द जारी करने और शिक्षकों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा