11 से 14 नवंबर तक होगा अंतरराष्ट्रीय लवी मेला, 300 पुलिस कर्मी संभालेंगे सुरक्षा
शिमला, 12 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के रामपुर में अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 का आयोजन 11 से 14 नवंबर तक होगा। चार दिवसीय मेले में चार सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। इनमें दो पहाड़ी संस्कृति, एक बॉलीवुड और एक पंजाबी संगीत पर आधारित होगी। मिस्टर एवं मिस बुशहर प्रतियोगिता, लेजर शो, पारंपरिक स्वाद महोत्सव, अश्व प्रदर्शनी और पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रतियोगिता भी आकर्षण होंगे।
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को रामपुर में आयोजित मेला आयोजन समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि लवी मेला क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ पुरानी व्यापारिक परंपराओं का प्रतीक है। मेले में बच्चों से बुजुर्गों तक सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।
बुशहर-तिब्बत के पुराने व्यापार की झलक
मेले में बुशहर रियासत के इतिहास, संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए पुराने छायाचित्रों और दस्तावेजों की प्रदर्शनी के साथ पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, ऊनी उत्पाद, आभूषण, सेब, अन्य बागवानी उत्पाद और पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित होंगे। स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को भी अवसर मिलेगा। रामपुर हेरिटेज वॉक, पारंपरिक लवी बाजार और स्थानीय वास्तुकला के प्रदर्शन के साथ बुशहर और तिब्बत के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों पर भी जोर रहेगा।
रामपुर शहर में विशेष रोशनी और सजावट होगी। विभिन्न स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। मेले की स्मारिका के लिए विद्यार्थियों और आम नागरिकों से लेख आमंत्रित किए जाएंगे।
चामुर्थी घोड़ों की प्रदर्शनी, पहली बार निबंध प्रतियोगिता
मेले में हिमाचल की प्रसिद्ध चामुर्थी नस्ल के घोड़े प्रदर्शित किए जाएंगे। अन्य राज्यों की नस्लों को भी शामिल करने की योजना है। घोड़ों की 400 और 800 मीटर दौड़ तथा गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता होगी। किसान गोष्ठी में पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, खान-पान और देखरेख की जानकारी दी जाएगी।
पहली बार रामपुर और आसपास के स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए लवी मेले के इतिहास पर निबंध प्रतियोगिता होगी। स्कूल स्तर पर चयनित विद्यार्थियों के बीच अंतिम मुकाबला होगा। विजेताओं के साथ अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाएंगे।
300 पुलिस कर्मी संभालेंगे सुरक्षा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि मेले में करीब 300 पुलिस कर्मी तैनात होंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी रहेंगे। जुआ जैसी अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। यातायात प्रबंधन और पार्किंग के विशेष इंतजाम होंगे। लोगों की सुविधा के लिए पिछले साल से अधिक अस्थायी पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे।
किन्नौरी मार्केट में दुकानों के लिए एक जैसी शैली की कैनोपी उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकारी विभाग पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगे और इस बार नई उपलब्धियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मेले में नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, आपदा एवं अग्नि सुरक्षा, प्लास्टिक मुक्त अभियान, रक्तदान और स्वास्थ्य जांच शिविरों के साथ साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण संबंधी गतिविधियां भी होंगी। खेलकूद प्रतियोगिताएं, कवि सम्मेलन और वॉल आर्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा