बारिश का रंग : मंडी पठानकोट मार्ग पर भारी भूसख्लन से आवाजाही रूकी, ब्यास में बढ़ गया जल स्तर

 




मंडी, 08 जुलाई (हि.स.)। पहाड़ों पर बारिश ने अब अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ दरकने लगे हैं और पहाड़ों का सफर असुरक्षित होने लगा है। मंगलवार बीती रात से लगातार हो रही बारिश बुधवार को भी दिन भर रूक रूक कर चलती रही। इस बारिश से मंडी पठानकोट मार्ग जिसके चौड़ीकरण व फोरलाइन बनाने का काम इन दिनों चला हुआ है मंडी से 5 किलोमीटर की दूरी पर लबांडी के पास दरक गया। इस कारण से यह अति व्यस्त एवं महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही वैकल्पिक मार्गों से करनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है।

घटनास्थल का निरीक्षण करने उपरांत लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़क धंसने की भारी आशंका को देखते हुए एनएचएआई और जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। बड़े वाहनों को द्रंग-कटिंडी वाया तरयांबली मार्ग से मंडी की ओर डायवर्ट किया गया है। वहीं छोटे वाहनों को मैगल स्थित गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्लांट से निर्माणाधीन सुपर एक्सप्रेस हाईवे के रास्ते निकाला जा रहा है।

लगातार बारिश का असर लोक निर्माण विभाग मंडल पधर के अधीन आने वाले अन्य मार्गों पर भी देखने को मिला। बुधवार सुबह पधर-बल्ह वाया डायना पार्क मार्ग पर बल्ह के समीप पहाड़ी से मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात करीब दो घंटे तक बाधित रहा। इसी तरह पधर-जोगेंद्रनगर वाया नौहली-दमेला मार्ग पर दमेला के पास बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरने से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मशीनरी मौके पर भेजी और बंद मार्गों से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को राहत मिली।

लोक निर्माण विभाग मंडल पधर के अधिशाषी अभियंता विनायक कश्यप ने बताया कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। सभी प्रमुख मार्गों पर जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि भूस्खलन होने पर तुरंत मलबा हटाकर यातायात बहाल किया जा सके।

एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें तथा प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

इधर, कुल्लू घाटी में बादल फटने व भारी बारिश के चलते सभी बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते ब्यास नदी में जल स्तर बढ़ गया है। लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है तथा नदी नालों के नजदीक न जाने की हिदायत दी गई है। भारी बारिश हो जाने से धान की पनीरी लगाने का काम भी किसानों ने जोर शोर से शुरू कर दिया है। खेतों में माकूल पानी भर जाने से किसान इस काम को निपटाने के लिए जुट गए हैं। बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों की दर्जनों सड़कें बुधवार को बाधित रही। बार बार बारिश होने के चलते इन्हें खोलने में दिक्कत भी आ रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा