स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के लिए, तीन जिलों के 36 प्रशिक्षुओं ने लिया प्रशिक्षण

 


मंडी, 22 अगस्त (हि.स.)। कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में जाईका परियोजना जिला इकाई हमीरपुर के सौजन्य से स्वयं सहायता समूह में भूमिका और जिम्मेदारियां विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण परियोजना चरण-II के अंतर्गत तीन जिलों बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना के 36 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

प्रशिक्षण संयोजक डॉ. सुधीर ने प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए परियोजना के उद्देश्यों, सब्जी उत्पादन तथा स्वयं सहायता समूहों की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी। संसाधन व्यक्ति सेवानिवृत्त उपनिदेशक कृषि डॉ. रवि शर्मा, प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. नरेश कुमार तथा डॉ. अमर सिंह कौंडल ने स्वयं सहायता समूहों के गठन एवं संवर्धन, समूह के नियम, बचत, बैंक खाता संचालन, क्षमता निर्माण, नेतृत्व विकास और विवाद समाधान सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान समूह बैठकों के आयोजन, आवश्यक दस्तावेजों के रखरखाव, पारदर्शिता, आपसी विश्वास और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही टीम निर्माण तथा फेडरेशन से जुड़ाव को समूहों की मजबूती के लिए आवश्यक बताया गया। प्रशिक्षुओं को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभिसरण तथा डिजिटलीकरण की भी जानकारी दी गई।

प्रशिक्षुओं ने परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और उनके समाधान को लेकर अपने अनुभव साझा किए। कृषक प्रशिक्षण केंद्र के उप-प्रधानाचार्य डॉ. जगदीश कुमार जनजिहा ने संवाद के माध्यम से प्रशिक्षण से मिले लाभ की जानकारी ली और सभी प्रशिक्षुओं का आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा