किशाऊ परियोजना पर भाजपा के दावे भ्रामक, हिमाचल के वित्तीय हित सुरक्षित किए: चंद्र कुमार व विक्रमादित्य

 

शिमला, 17 सितंबर (हि.स.)। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और भाजपा नेताओं के दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के लगातार प्रयासों से हिमाचल के वित्तीय हित सुरक्षित हुए हैं।

मंत्रियों ने कहा कि छह राज्यों के बीच अंतिम समझौते में केंद्र सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण रही, लेकिन प्रदेश सरकार ने हिमाचल पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ का मुद्दा लगातार केंद्र के समक्ष उठाया। उन्होंने दावा किया कि पिछली भाजपा सरकार के समय लगभग 800 करोड़ रुपये के योगदान की व्यवस्था स्वीकार की गई थी, जिसे वर्तमान सरकार ने प्रदेश की सीमित वित्तीय क्षमता को देखते हुए अस्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित देनदारी अब दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा द्वारा वहन की जाएगी। मंत्रियों के अनुसार, परियोजना से हिमाचल को प्रतिवर्ष करीब 1,000 मिलियन यूनिट बिजली मिलने की संभावना है और बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के राज्य को अनुमानित 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ हो सकता है।

अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा उपलब्धि का श्रेय केंद्र सरकार को दिए जाने पर मंत्रियों ने कहा कि छह राज्यों को एक साथ लाने में केंद्र की भूमिका अहम है, लेकिन प्रदेश सरकार की वार्ताओं और वित्तीय हितों को लेकर अपनाए गए रुख को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने भाजपा नेताओं से परियोजना की पूर्व और वर्तमान वित्तीय व्यवस्था का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने को कहा।

मंत्रियों ने कहा कि लगभग 76 हजार करोड़ रुपये के कर्ज और करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियों के बावजूद सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जल और विद्युत संसाधनों से जुड़े अधिकारों की रक्षा के लिए बीबीएमबी और शानन परियोजना सहित अन्य मामलों में भी सरकार प्रयास जारी रखेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला