मंडी में दो फोरलेन के जुड़ाव केंद्र पर बन रही है उत्तरी भारत की पहली ओवरहैड एलिवेटिड रोटरी
मंडी, 03 सितंबर (हि.स.)। किरतपुर से मनाली जा रहे फोरलेन पर मंडी के बिंद्रावणी में पठानकोट से मंडी आ रहा फोरलेन मिल रहा है। मिलन कहें या दो फोरलेन का जुड़ाव, मगर यहां पर जो इनके मिलन का निर्माण हो रहा है वह अद्भुत ही नहीं बल्कि पूरे उतरी भारत में अपनी तरह का पहला है। एनएचएआई द्वारा यह कार्य करवाया जा रहा है। इसे ओवरहैड एलिवेटिड रोटरी का नाम दिया गया है। यह उत्तरी भारत की पहली ओवरहैड ऐलिवेटिड रोटरी है। ओवरहैड एलिवेटिड रोटरी एक तरह का जंक्शन होता है जहां दो या इससे अधिक सड़कें आपस में आकर मिलती हैं। जंक्शन पर आपको आमतौर पर ट्रेफिक लाइट्स देखने को मिलेंगी और आपको वहां कुछ समय के लिए रूकना ही पड़ता है, लेकिन मंडी में जो रोटरी बन रही है वहां किसी भी वाहन चालक को रूकना नहीं पड़ेगा और वह बीना किसी रूकावट के अपनी यात्रा जारी रख सकेगा।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी ने बताया कि इस रोटरी पर चार रैंप होंगे जिसमें दो रैंप चंडीगढ़-मनाली जबकि दो रैंप पठानकोट-मंडी मार्ग पर चढ़ने और उतरने के लिए बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एक अन्य रैंप मंडी शहर में प्रवेश के लिए भी बनाया जा रहा है। यह रोटरी पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही है। इसका निर्माण कर रही गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के जीएम विकास नागर ने बताया कि पठानकोट-मंडी हाईवे को चंडीगढ़-मनाली मार्ग के साथ जोड़ना काफी चुनौतीपूर्ण हो रहा था। क्योंकि एक मार्ग की उंचाई बहुत अधिक थी जबकि दूसरा काफी नीचे था। इसलिए एनएचएआई ने यहां ओवरहैड एलिवेटिड रोटरी को बनाने का निर्णय लिया।
विकास नागर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का कार्य अप्रैल 2025 में शुरू किया गया था और अभी तक 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है। मार्च 2026 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निश्चित रूप से जब यह रोटरी बनकर तैयार होगी और दोनों हाईवे पर यातायात सुचारू रूप से चलेगा तो वाहन चालकों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि अभी निर्माण कार्य के चलते लोगों को परेशानियां भी झेलनी पड़ रही हैं लेकिन भविष्य की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ही इस तरह के नए प्रयासों के साथ इस प्रोजेक्ट के कार्य को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा