30 जुलाई से शुरू होगी किन्नर कैलाश यात्रा, बिना पंजीकरण नहीं मिलेगा प्रवेश
शिमला, 28 जुलाई (हि.स.)। सावन के पवित्र महीने में होने वाली किन्नर कैलाश यात्रा इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू होगी। जिला प्रशासन ने यात्रा को 10 अगस्त तक संचालित करने का निर्णय लिया है। हालांकि यात्रा की अवधि मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव किया जा सकता है। प्रशासन ने साफ किया है कि बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण आज 28 जुलाई से शुरू हो गया है, जबकि ऑफलाइन पंजीकरण 30 जुलाई से होगा। प्रतिदिन 375 श्रद्धालु ही यात्रा कर सकेंगे। इनमें 175 ऑनलाइन, 125 ऑफलाइन और 75 श्रद्धालुओं के लिए एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन, किन्नौर के माध्यम से स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। यात्रा केवल तंगलिंग–मेलिंग खट्टा–गुफा मार्ग से संचालित होगी।
भूस्खलन के खतरे के बाद तैयार किया गया सुरक्षित मार्ग
यात्रा से पहले प्रशासन ने दो चरणों में मार्ग का निरीक्षण कराया। शुरुआती रैकी में कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा मिलने के कारण यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। बाद में दोबारा निरीक्षण के बाद संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा और मरम्मत का काम पूरा किया गया। इसके बाद यात्रा शुरू करने का फैसला लिया गया। यात्रा मार्ग पर पुलिस, स्वास्थ्य, वन, होमगार्ड, जल शक्ति और राजस्व विभाग के कर्मचारी तैनात रहेंगे। विभिन्न पड़ावों पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट और पुलिस बल भी मौजूद रहेगा।
6,050 मीटर की ऊंचाई पर है प्राकृतिक शिवलिंग
किन्नर कैलाश तिब्बत सीमा के निकट समुद्र तल से लगभग 6,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे पंच कैलाशों में से एक माना जाता है। यहां मौजूद प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान भगवान शिव और माता पार्वती के प्रथम मिलन से जुड़ा माना जाता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलने और सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा