सर्पदंश से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर उपचार जरूरी : डॉ. ओमेश भारती

 


धर्मशाला, 19 सितंबर (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में गुंजन संस्था, स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा तथा एसएआरपीए-आईसीएमआर परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को जोनल अस्पताल में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य फोकस सर्पदंश के प्रति जागरूकता, सही प्रतिक्रिया, रोकथाम एवं समय पर कार्रवाई के माध्यम से सर्पदंश से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए सामुदायिक जागरूकता को मजबूत करना रहा।

कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती ने की। पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती ने कहा कि सर्पदंश से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए समुदाय की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी, समय पर प्रतिक्रिया, शीघ्र रेफरल और उचित चिकित्सा प्रबंधन के बारे में लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।

उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस 2026 की थीम का उल्लेख करते हुए सर्पदंश से प्रभावित लोगों और स्नेक रेस्क्यूर्स के अनुभवों को जागरूकता एवं जीवनरक्षक कार्रवाई से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को शांत रखते हुए बिना अनावश्यक देरी के नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आवश्यकता पड़ने पर 108 एंबुलेंस सेवा अथवा आपदा प्रबंधन के 1077 टोल-फ्री नंबर का उपयोग किया जा सकता है।

कार्यशाला में गुंजन संस्था के निदेशक विजय कुमार ने प्रतिभागियों के साथ सर्प एवं सर्पदंश से जुड़े विभिन्न मिथकों, भ्रांतियों और आम गलत धारणाओं पर संवाद किया। प्रतिभागियों के प्रश्नों, अनुभवों और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों को भी चर्चा में शामिल किया गया।

प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट अर्चना फुल्ल ने सर्पदंश की रोकथाम, बचाव एवं उचित प्रतिक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने समुदाय तक वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक जानकारी पहुंचाने तथा सर्पदंश से जुड़े भ्रम और गलत धारणाओं को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण स्नेक रेस्क्यूर्स और सर्पदंश से प्रभावित लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। स्नेक रेस्क्यूर्स शुभ करण, मथुरा दास धीमान, आर्यन मारिया एवं करविंदर पठानिया ने सांपों के रेस्क्यू से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा समुदाय में जागरूकता और सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देने के संबंध में अपनी अपेक्षाएं एवं सुझाव रखे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया