अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : लैंगिक समानता और स्वास्थ्य पर कार्यशाला आयोजित

 


धर्मशाला, 07 मार्च (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य, लैंगिक समानता तथा टीबी और एचआईवी जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ विवेक करोल रहे।

मुख्य अतिथि डॉ विवेक करोल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समान अवसरों के प्रति समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लैंगिक समानता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारणों से कई बार महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पातीं।

उन्होंने बताया कि टीबी (क्षयरोग) आज भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। कई बार महिलाओं में टीबी की पहचान देर से होती है, क्योंकि वे परिवार और समाज की जिम्मेदारियों के चलते अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं। इससे बीमारी गंभीर हो सकती है और परिवार के अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ आरके सूद ने बताया कि एचआईवी से संक्रमित महिलाओं में टीबी का खतरा अधिक होता है, इसलिए समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एच आई वी और टीबी की समय पर स्क्रीनिंग मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। डॉ आर.के. सूद ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य परिवार और समाज के स्वास्थ्य की नींव है। लैंगिक समानता, जागरूकता और समय पर उपचार के माध्यम से हम टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं।

सीएमओ कांगड़ा ने “भेदभाव नहीं चलेगा” जागरूकता सामग्री जारी की

कार्यक्रम के अंत में मुख्यचिकित्सा अधिकारी द्वारा कार्यालय की महिला कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया