दो साल पूरे करने वाले कर्मचारी भी होंगे पक्के, मात्र पदोन्नति की तर्ज पर होगी परीक्षा : मुख्यमंत्री
धर्मशाला, 03 दिसंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर चयन बोर्ड भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ था, जिसे भंग करके राज्य चयन आयोग बनाया गया है। इसके तहत ही पुलिस विभाग की ओर से आगामी भर्ती की जाएगी। इसमें पहले ही सवाल पर सूचना एकत्रित किए जाने के जबाव पर सदन में गर्माहट भी देखी गई, जोकि पिछले साल का स्थगित प्रश्न विधायक डॉ जनक राज द्वारा पूछा गया। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने भी सवाल का जबाव न देने पर सवाल उठाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल वाले कर्मचारी भी पक्के होंगे, उन्हें बाहर नहीं निकाला जाएगा। मात्र पदोन्नति की तर्ज पर ही परीक्षा करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की ओर से अनुबंध को पूरी तरह से बन्द कर दिया गया है। ऐसे में जॉब ट्रेनी शब्द का प्रयोग कॉन्ट्रैक्ट शब्द को ही मात्र बदलकर किया गया है। सीएम ने कहा कि कॉन्ट्रेक्ट सिस्टम वही रहेगा, मात्र शब्द को बदल दिया गया है।
दूसरे सवाल में विधायक सुधीर शर्मा ने जॉब ट्रेनी नीति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने भर्ती के बाद दोबारा परीक्षा संबधी जानकारी मांगी। इस पर ही सप्लीमेंट्री सवाल रखते हुए रणधीर शर्मा ने कहा कि दो साल की जॉब ट्रेनी पॉलिसी क्यों लाई गई है।
अवैध कब्जाधारियों के हकों की लड़ी जाएगी लड़ाई
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल के अवैध कब्जों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि लोकतन्त्र को बचाने की तर्ज पर ही एक लाख 60 हजार लोगों के हकों की लड़ाई लड़ी जाएगी और उन्हें उजड़ने नहीं दिया जाएगा।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने अवैध कब्जों को लेकर पूछे गए सवाल में कहा कि अवैध कब्जों में 2002-03 में भाजपा के समय मे एफडवेट के माध्यम से नजायज कब्जों को रेगुलर करने को आवेदन जमा किए थे। जिसमें सवा लाख दस अधिक लोगों ने आवेदन कर दिया। भाजपा की ओर से एक बार फिर वन विभाग भूमि के लिए संशोधन किया गया था, जबकि उसमें भी केंद्र के एफआरए में राज्य सरकार कुछ भी नहीं कर सकती है। उन्होंने बताया कि केस अब सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। इसके तहत रसजय सरकार की ओर से भी याचिका दायर की जाएगी। राजस्व मंत्री ने कहा कि 163 ए में संशोधन लाया गया था, जिसमें एक लाख 60 हजार अवैध कब्जों में एक भी नहीं दे पाए। जबकि वर्तमान सरकार की ओर से मुद्दा उठाया जा रहा है। अभी दिल्ली में केस भेजा गया है, हिमाचल में फोरेस्ट लैंड है, जिसमें एफसीए में कुछ भी नहीं किया जा सकता है।
इस पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने सीएम से सवाल करते हुए कहा कि भाजपा की ओर से जमीन में रहने वाले पुश्तेनी घरों को रेगुलर करने पर काम किया गया था। लेकिन वर्तमान सरकार ने समय पर हाई कोर्ट में सही तरीके से बात रखी ही नहीं गई। जिससे लोगों को हटाने की बात अब सुप्रीम कोर्ट में चला गया है, ओर स्टे लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि लोगों के घर जा रहे हैं, तो उसके लिए क्यों करोड़ों वाले वकील क्यों नहीं किए जा रहे हैं।
सदन में अवैध कब्जों को लेकर सवाल उठाया गया है। एक लाख 24 हजार 780 अवैध कब्जे के है, ओर उन्हें हाई कोर्ट ने हटाए जाने के निर्देश दिए गए है, जिसमें उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। इस पर सुखराम चौधरी ने कि इसमें घर व अन्य भूमि पर कब्जा की अलग-अलग रिकॉर्ड होना चाइए।
प्राकृतिक खेती के लिए जमीनी स्तर पर हो रहा काम
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है। बजट में भी प्रावधान किया गया है, जिसमें आत्मा प्रोजेक्ट से भी लोग दोबारा जुड़ रहे हैं। देश मे पहली बार हिमाचल में प्राकृतिक खेती के लिए एमएसपी निर्धारित किया गया है। हम मक्की की रोटी भी बनाते है, ओर सर्दियों में उसे खाते हैं । मक्की में 30 से 40 किया गया, गेंहू 60, कच्ची हल्दी को 90 रुपये किलो के हिसाब से ले रहे हैं। इसके लिए देश के गृह मंत्री व गुजरात सीएम ने भी सराहना की है। सिक्किम के बाद हिमाचल में सबसे अधिक प्राकृतिक खेती पर काम हो रहा है। सीएम ने बताया कि मक्की का आटा एक्सपायर डेट के साथ 100 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है। राजीव गांधी प्राकृतिक खेती के नाम से अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। ऊना में तैयार हो रहे आलू की प्रोसेसिंग की जाएगी।
इस पर जबाव देते हुए कृषि मंत्री प्रो चौधरी चन्द्र कुमार ने कहा कि उत्पादों को डिपो में भी भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मॉडल टेस्टिंग लैब हमीरपुर में भी बनाई जाएगी। उत्पादों को टेस्ट के लिए सोलन में भेजा जा रहा है, साथ ही अन्य निजी लेबो में भी भेजे, जोकि सभी ठीक निकले हैं। हाल ही में बिट के 57 में से छह सेंपल फेल हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिमला में आउटलेट खोला गया, जबकि राज्य में भी खोले जाएंगे। सभी डिपो में मक्की का आटा व दलिया बेचने के लिए भेजा गया है।
प्राकृतिक खेती को लेकर सदन में विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने सवाल पूछा। इसमें उन्होंने किसानों के शहद, दलिया, बेसन, घी व अन्य की खरीद करने व सेंपल सहित अन्य विषय उठाए। इस पर सुखराम ने भी इस पर सवाल पूछा। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्राकृतिक खेती को लेकर पूर्व सरकार ने काम शुरू किया था। आज के समय पर इस खेती को लेकर कोई काम नहीं किया जा रहा है। अब वर्तमान में मक्की का आटा की एक सप्ताह के बाद सही प्रकार से रोटी नहीं बन पाती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में कितना बजट खर्च किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया