आय से अधिक संपत्ति मामले में सुधीर शर्मा को विजिलेंस का नोटिस, वीरवार को पूछताछ के लिए किया तलब
धर्मशाला, 12 अगस्त (हि.स.)। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो धर्मशाला ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुधीर शर्मा को जांच में शामिल होने का नोटिस जारी किया है। विजिलेंस ब्यूरो की ओर से जारी नोटिस के अनुसार उन्हें 13 अगस्त वीरवार को सुबह 11 बजे विजिलेंस थाना धर्मशाला में जांच अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। यह नोटिस उनके खिलाफ एफआईआर संख्या 0006/2026, दिनांक 29 जुलाई 2026 के संबंध में जारी किया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि मामले की जांच निरीक्षक नरेश कुमार को सौंपी गई है। जांच के दौरान प्रारंभिक पूछताछ में सामने आए बिंदुओं के संबंध में विभिन्न दस्तावेज और रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा गया है। इनमें वर्ष 2015-16 के आयकर रिटर्न में अन्य संसाधनों से की गई कमाई के तहत घोषित 70,84,858 रुपये की राशि के स्रोत और वास्तविकता को प्रमाणित करने वाले डीमैट अकाउंट स्टेटमेंट, ब्रोकर कॉन्ट्रैक्ट नोट और बैंकिंग रिकॉर्ड शामिल हैं।
इसके अलावा वर्ष 2015-16 के आयकर रिटर्न में जमीन की बिक्री से प्राप्त 74 लाख 7 हजार रुपये से संबंधित मूल टाइटल दस्तावेज, बिक्री विलेख और बैंक लेनदेन का रिकॉर्ड भी मांगा गया है। रक्कड़ में मकान निर्माण से जुड़े बिल, वाउचर, निर्माण खाते, भुगतान रिकॉर्ड, आर्किटेक्चरल ड्रॉइंग और अन्य दस्तावेज भी जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में वाहनों की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड, ऋण अथवा वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, लॉकरों और निवेशों से संबंधित जानकारी भी मांगी गई है। इसके साथ ही जांच अवधि के दौरान भारत अथवा विदेश में विधायक या उनके परिवार के सदस्यों के नाम अथवा उनके लाभ के लिए रखी गई चल-अचल संपत्तियों और अन्य परिसंपत्तियों का पूरा विवरण दस्तावेजी प्रमाण के साथ देने को कहा गया है।
ब्यूरो ने रक्कड़ स्थित मकान के निर्माण में लगाए गए ठेकेदारों के नाम, पूरे पते और संपर्क विवरण के साथ निर्माण संबंधी बिल-वाउचर उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि मांगी गई जानकारी और दस्तावेजों के साथ संपत्तियों के स्रोत और उन्हें हासिल करने के तरीके का पूरा एवं सही लिखित विवरण पेश किया जाए।
नोटिस के अनुसार निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने अथवा मांगी गई जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 35 की उपधाराओं (3) और (4) के तहत कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही जांच के दौरान सामने आई कथित अनुपातहीन संपत्तियों को लेकर प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला जा सकता है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले में आगे की जांच के दौरान अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच और कानून के तहत अन्य कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया