आय से अधिक संपत्ति मामले में विधायक सुधीर शर्मा से लंबी पूछताछ, करीब साढ़े 5 घंटे चला दौर

 

धर्मशाला, 23 सितंबर (हि.स.)। आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री और धर्मशाला से मौजूदा विधायक सुधीर शर्मा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस मामले में बुधवार को एक बार फिर सुधीर शर्मा धर्मशाला स्थित विजिलेंस (सतर्कता विभाग) कार्यालय में पेश हुए जहां उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक लंबी पूछताछ हुई। इस मैराथन पूछताछ के दौरान विजिलेंस की टीम ने मुख्य रूप से उनकी संपत्तियों, जमीनों और बैंक खातों का पूरा कच्चा-चिट्ठा खंगाला। बुधवार को हुई इस पूछताछ में सुधीर शर्मा बिना किसी तामझाम के बिल्कुल अकेले ही जांच में शामिल होने पहुंचे।

मिली जानकारी के अनुसार विधायक सुधीर शर्मा बुधवार दोपहर करीब 1:05 बजे धर्मशाला स्थित विजिलेंस थाने पहुंच गए थे। इसके बाद शाम 6 बजे तक बंद कमरे में उनसे लगातार पूछताछ का दौर चलता रहा। इस दौरान जांच एजेंसी ने उनकी संपत्ति के हर पहलू को समझने और खंगालने की कोशिश की। विजिलेंस की टीम ने मुख्य रूप से यह जानकारी जुटाई कि विधायक के नाम पर कहां-कहां जमीनें हैं और किन-किन जगहों पर उनके बैंक खाते संचालित हो रहे हैं। जांच में सहयोग करते हुए सुधीर शर्मा ने भी अपनी संपत्तियों से जुड़े कई अहम दस्तावेज विजिलेंस अधिकारियों को सौंपे, जिनकी टीम द्वारा गहनता से जांच की जा रही है।

फिलहाल, विजिलेंस ने सुधीर शर्मा को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाने की कोई अगली तारीख तय नहीं की है। हालांकि, जांच की गंभीरता को देखते हुए माना जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में जल्द ही उन्हें फिर से तलब किया जा सकता है और उनसे आगे के सवालों के जवाब मांगे जा सकते हैं।

पिछली बार समर्थकों ने किया था शक्ति प्रदर्शन

गौरतलब है कि इससे पहले 18 तारीख को जब सुधीर शर्मा पहली बार पूछताछ के लिए विजिलेंस थाने में पेश हुए थे, तब माहौल काफी अलग था। उस दौरान उनके समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए विजिलेंस थाने के बाहर स्थित हनुमान मंदिर के पास भारी भीड़ के रूप में जुटकर उनके पक्ष में जमकर नारेबाजी की थी। लेकिन बुधवार को हुई दूसरी पूछताछ में सुधीर शर्मा अकेले ही थाने पहुंचे और पूरी प्रक्रिया को बेहद शांत तरीके से पूरा किया गया।

उधर बाद में पत्रकारों से बातचीत में सुधीर शर्मा ने दावा किया कि विजिलेंस अधिकारियों ने उनके सामने करीब 40 से 50 सवालों वाली विस्तृत प्रश्नावली रखी, जिसके उन्होंने जवाब दिए। उन्होंने कहा कि जांच से संबंधित मांगी गई जानकारी और दस्तावेज भी अधिकारियों को उपलब्ध करवा दिए हैं। सुधीर शर्मा ने बताया कि उनसे घर की लागत, परिवार और वर्ष 2013 से 2023 तक के चेक पीरियड से जुड़े सवाल पूछे गए। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कुछ संशय थे और ऐसा लग रहा था कि शायद कुछ जानकारी सामने नहीं आ रही है, लेकिन पूछताछ के दौरान सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं। उनका कहना था कि वह चाहते हैं कि मामले की वास्तविकता प्रदेश की जनता के सामने आए। विधायक ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में यह पहली एफआईआर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक जीवन में एक-दूसरे की छवि खराब करने के प्रयास होते रहते हैं और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को उन्होंने सरकार के दबाव में किया गया राजनीतिक एवं कानूनी षड्यंत्र बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया