विदेशी डिप्लोमा को हिमाचल में मान्यता, 'अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा' अब 12वीं के समकक्ष

 


धर्मशाला, 20 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के उन छात्रों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है, जिन्होंने विदेशी मान्यता प्राप्त संस्थानों से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है, अब उन्हें प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए तकनीकी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका के 'अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा' को राज्य की जमा दो की परीक्षा के समकक्ष मान्यता दे दी है। इस कदम से विदेशी बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए राज्य में उच्च शिक्षा के दरवाजे पूरी तरह से खुल गए हैं।

बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने इस महत्वपूर्ण अधिसूचना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मान्यता विशेष रूप से अमेरिका की नॉर्थवेस्ट एक्रिडिटेशन कमीशन से मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा जारी 'अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा ट्रांसक्रिप्ट (ग्रेड 12) या 12-ईयर हाई स्कूल डिप्लोमा' पर लागू होगी। बोर्ड ने यह नीतिगत निर्णय भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के बोर्ड से पढ़कर आए छात्रों को मुख्यधारा की उच्च शिक्षा से जोड़ा जा सके।

अधिसूचना में एक महत्वपूर्ण शर्त भी स्पष्ट की गई है। डॉ. शर्मा ने साफ किया कि इस अमेरिकन डिप्लोमा को 12वीं के समकक्ष मानने का यह फैसला केवल उच्च शिक्षा में प्रवेश के उद्देश्य तक ही सीमित रहेगा। रोजगार या किसी अन्य प्रयोजन के लिए इसके नियम अलग हो सकते हैं।

बिना सत्यापन के नहीं मिलेगा लाभ

फर्जीवाड़े को रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी छात्र को प्रवेश देने से पहले उसके प्रमाण-पत्र की प्रामाणिकता और वैधता की जांच अनिवार्य होगी। संबंधित शैक्षणिक संस्थान या सक्षम प्राधिकारी को डिप्लोमा जारी करने वाली संस्था से इसका सत्यापन करवाना होगा। सही सत्यापन होने के बाद ही छात्र को 12वीं के समकक्ष मानते हुए प्रवेश का लाभ प्रदान किया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष ने विश्वास जताया है कि इस नई अधिसूचना के बाद एनडब्ल्यूसीए से अपनी वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला लेने की प्रक्रिया कहीं अधिक स्पष्ट, आसान और पारदर्शी हो जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया