धर्मशाला में 1194 उम्मीदवारों ने दी यूपीएससी की परीक्षा

 


धर्मशाला, 24 मई (हि.स.)। देशभर के उम्मीदवारों के साथ हिमाचल के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में भी रविवार को 1194 उम्मीदवारों ने आईएएस-आईपीएस बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा दी। परीक्षा के लिए जिला कांगड़ा के मुख्यालय में छह सेंटर स्थापित किए गए थे। जिसमें पीजी कॉलेज धर्मशाला, राजकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय बीएड कॉलेज धर्मशाला, जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डाईट धर्मशाला, गल्र्ज व बॉयज स्कूल धर्मशाला को सेंटर बनाया गया था।

परीक्षा रविवार को धर्मशाला के विभिन्न छह सेंटर्स में आयोजित की गई। परीक्षा का सुबह का सत्र साढ़े नौ बजे से साढ़े 11 बजे तक रह, जबकि दूसरा सत्र अढ़ाई से साढ़े चार बजे तक आयोजित हुआ। सभी सेंटर्स में पुलिस बल तैनात रहा, साथ ही जैमर भी लगाए गए थे। परीक्षा के लिए डिवीजनल कमिश्नर कांगड़ा को ऑब्जर्वर लगाया गया था।

धर्मशाला केंद्र के अंतर्गत बनाए गए छह परीक्षा उपकेंद्रों में कुल 1935 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए आवंटित किया गया था। इनमें से पेपर-1 (जनरल स्टडीज) में 1194 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 741 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं पेपर-2 में 1177 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 758 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा दो चरणों में आयोजित की गई, जिसमें पहला पेपर सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक संपन्न हुआ।

उपकेंद्रवार आंकड़ों के अनुसार राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धर्मशाला में 288 अभ्यर्थियों में से 176 उपस्थित रहे। राजकीय डिग्री कॉलेज धर्मशाला में 576 में से 362 अभ्यर्थियों ने पहला पेपर दिया। राजकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय धर्मशाला में 192 में से 116, जबकि डाइट धर्मशाला में 192 में से 117 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। एचपीयूआरसी मोहली-खनियारा केंद्र में 469 में से 294 तथा राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धर्मशाला में 218 में से 129 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। दूसरे पेपर में छह में से चार केंद्रों पर पेपर-1 की तुलना में उपस्थिति थोड़ी कम दर्ज की गई।

देशभर में आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा में इस वर्ष करीब 8.19 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया है। युपीएससी द्वारा परीक्षा को लेकर सुरक्षा एवं प्रवेश संबंधी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिनके तहत निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया