बिना अनुमति ट्रैकिंग स्थल त्रियुण्ड जाने वालों से वसूला जाएगा 5 हजार जुर्माना
धर्मशाला, 22 मार्च (हि.स.)। धौलाधार की वादियों में स्थित ट्रैकिंग स्थल त्रियूंड जाने के लिए वन विभाग की अनुमति जरूरी है। ऐसा नही करने वालों के खिलाफ विभाग ने जुर्माने का प्रावधान किया है। वन विभाग की ओर से चार रास्तों पर चेक पोस्ट बनाए गए हैं, इसके बावजूद कई ट्रैकिंग के शौकीन वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करके त्रियूंड की ओर प्रस्थान कर जाते हैं। ऐसे में वन विभाग ने यह निर्णय लिया है कि बिना पर्ची कोई पर्यटक त्रियूंड ट्रैक पर पाया जाता है तो उसके लिए 5 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि विभाग में बिना पर्ची त्रियूंड जाने वालों पर जुर्माना किया जाता है, लेकिन स्टाफ के अभाव में विभाग इस नियम को सख्ती से लागू नहीं कर पा रहा है।
गौरतलब है कि हर वर्ष हजारों की संख्या में देश-विदेश के पर्यटक त्रियूंड ट्रैकिंग के लिए पहुंचते हैं। डीएफओ वन मंडल धर्मशाला सुमित शर्मा का कहना है कि मौसम के मिजाज को देखते हुए ट्रैकिंग पर जाने वाले लोग त्रियूंड जाने से परहेज करें। यदि किसी ने त्रियूंड ट्रैकिंग का प्लान बनाया है तो टाल दें, क्योंकि बर्फबारी का दौर जारी है।
स्टाफ के अभाव में, सख्ती से नियम नहीं हो पा रहा लागू
हालांकि वन विभाग की ओर से त्रियूंड जाने वाले चार रास्तों पर चेक पोस्ट तो बनाए हैं, लेकिन ट्रैकिंग के शौकीन, अन्य वैकल्पिक मार्गों का भी इस्तेमाल करते हैं, ऐसे ट्रैकर्स पर जुर्माने का भी प्रावधान होने का बावजूद स्टाफ के अभाव में विभाग सख्ती से इस पर अमल नहीं कर पाता।
ट्रेंड हाईकर्स, ट्रैकर्स के साथ करें ट्रैकिंग
डीएफओ ने कहा कि हाईकर्स और टै्रकर्स, पर्यटन विभाग द्वारा रजिस्टर्ड किए जाते हैं, जिन्हें बकायदा प्रशिक्षण दिया जाता है। बिना रजिस्टर्ड ट्रैकर व हाईकर्स के कोई ट्रैकिंग के लिए जाता है और परेशानी में पड़ता है तो वन विभाग इसके लिए जिम्मेवार नहीं है, क्योंकि विभाग समय-समय पर लोगों को ट्रेंड टैकर्स व हाईकर्स के साथ ही ट्रैकिंग की सलाह देता रहता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया