टोल दरों में बढ़ोतरी पर उपभोक्ता आयोग की रोक, अब 25 रुपये ही देना होगा शुल्क

 


धर्मशाला, 17 अक्टूबर (हि.स.)। कांगड़ा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कांगड़ा के बालूग्लोआ टोल प्लाजा पर बढ़ी हुई टोल दरों की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है। आयोग ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित संबंधित पक्षों को अगली सुनवाई तक 65 रुपये एक तरफ और 100 रुपये 24 घंटे के भीतर आने-जाने के लिए वसूलने से रोक दिया है। अब पहले की दरों के अनुसार 25 रुपये टोल शुल्क लिया जा सकेगा। आयोग ने यह आदेश 17 अक्तूबर को सुनाया और इसका पालन उसी दिन शाम चार बजे तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा तथा सदस्य नारायण ठाकुर और आरती सूद की पीठ ने चार शिकायतकर्ताओं की ओर से दायर शिकायत पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। शिकायतकर्ताओं ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अन्य प्रभावित यात्रियों की ओर से भी मामला उठाया था। आयोग ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए माना कि टोल प्लाजा से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री गुजरते हैं।शिकायतकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि टोल की सभी चार लेन चालू नहीं हैं और सड़क पर कई हादसे हो चुके हैं। टोल शुल्क बढ़ाए जाने के बावजूद बालूग्लोआ का संबंधित सड़क हिस्सा सुचारू रूप से चालू नहीं है।

देहरा जाने वाले यात्रियों के पास वैकल्पिक मार्ग नहीं होने के कारण उन्हें इसी सड़क से गुजरना पड़ता है और टोल शुल्क देना पड़ता है। यात्रियों को पर्याप्त जानकारी नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। आयोग ने प्रथम दृष्टया संबंधित पक्षों की सेवाओं में कमी पाते हुए कहा कि यात्रियों के लिए सुरक्षित और उचित सड़क सुविधा सुनिश्चित करना आवश्यक है। आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए बिना उचित सड़क सुविधा के टोल वसूली पर सवाल उठाया गया। आयोग ने संबंधित पक्षों को यह बताने के लिए भी कहा है कि अंतरिम आदेश को मामले के अंतिम निपटारे तक लागू क्यों न रखा जाए। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्तूबर 2026 को होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया