टांडा मेडिकल कॉलेज में स्टेंट घोटाले पर प्रदेश सरकार जबावदेह, स्वास्थ्य मंत्री दें इस्तीफा : संजय शर्मा

 


धर्मशाला, 22 अगस्त (हि.स.)। कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज में हुए चर्चित स्टेंट घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरीजों के जीवन और जेब पर डाका डालने वाले इस गंभीर विषय पर सरकार का ढुलमुल रवैया और आपराधिक खामोशी कई संदेह पैदा करती है। उन्होंने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदारी लेते हुए उनके इस्तीफे की भी मांग की है।

शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में संजय शर्मा ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि भ्रष्टाचार पर सरकारी तंत्र मौन क्यों है। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में लगभग 14 हजार रुपये का स्टेंट मरीजों को 40 हजार रुपये में बेचा जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर में अयोग्य घोषित की गईं फर्मों को पिछले दरवाजे से सप्लाई के ठेके दिए गए। यह सब किसकी शह पर हो रहा था? सरकार इस पर अब तक स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दे रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जांच रिपोर्ट्स में साफ तौर पर टेंडर प्रक्रियाओं में गड़बड़ी, अनधिकृत भंडारण और ओवरचार्जिंग के सबूत मिले हैं। इसके बावजूद मुख्य दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक सख्त आपराधिक मामला (एफआईआर) दर्ज क्यों नहीं की गया। क्या सरकार किसी बड़े चेहरे को बचाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल एक कमेटी का गठन करके मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया है। प्रदेश की जनता को आशंका है कि इस जांच को दबाने और साक्ष्यों को मिटाने के लिए समय बिताया जा रहा है।

संजय शर्मा ने कहा कि कांगड़ा और आसपास के जिलों के 40 हजार से अधिक मरीज हर साल टांडा के कार्डियोलॉजी विभाग में इलाज के लिए आते हैं। मरीजों के स्वास्थ्य और वित्तीय शोषण की सीधी जिम्मेदारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया