राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल काॅलेज टांडा में बढ़ेंगी पीजी की 100 सीटें : मुख्यमंत्री
धर्मशाला, 27 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी दो से चार वर्षों में सरकारी स्कूलों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और अधिक से अधिक अभिभावक इन विद्यालयों में ही अपने बच्चों को प्रवेश दिलवायेंगे क्योंकि सरकार इन्हें आधुनिक सुविधाओं और उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था से सुसज्जित कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह बात सोमवार को नगरोटा में बाल मेले के दौरान मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगरोटा बगवां में 8.56 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले माॅडल पुलिस स्टेशन एवं पुलिस आवास, 9.62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ओल्ड ऐज होम तथा 8.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ऑडिटोरियम की आधारशिला भी रखी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार मेडिकल काॅलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ा रही है। प्रदेश के मेडिकल काॅलेजों में 330 नई पीजी सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जबकि इस निर्णय के तहत टांडा मेडिकल काॅलेज में ही 100 पीजी सीटों की बढ़ोत्तरी होगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकारी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही सरकार अस्पतालों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस कर रही है। वहीं जिला एवं क्षेत्रीय अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई, पीईटी स्कैन, सीटी स्कैन तथा आधुनिक कैंसर उपचार प्रणाली स्थापित की जा रही है। साथ ही 16 से 20 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को भी बदला जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्तियों के मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ोह में मिनी सचिवालय खोलने, बड़ोह पुलिस चौकी को पुलिस थाना तथा सेराथाना में पीएचसी स्तरोन्नत करने की घोषणा की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने दिवंगत जी.एस. बाली को याद करते हुए कहा कि प्रदेश, विशेषकर नगरोटा बगवां के सर्वांगीण विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। नगरोटा बगवां के बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्र को नई पहचान दिलाने में उनकी दूरदर्शी सोच और प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया